By: Vikash Kumar (Vicky)
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के हरिपुरधार क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां शिमला से कुपवी जा रही निजी बस ‘जीत कोच’ अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भयावह दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी बस ‘जीत कोच’ शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी। जैसे ही बस हरिपुरधार के समीप एक तीखे मोड़ पर पहुंची, अचानक चालक का नियंत्रण बस से हट गया। देखते ही देखते बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय बस की रफ्तार काफी तेज थी और सड़क संकरी होने के कारण ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिला।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। खाई बेहद गहरी और दुर्गम होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने सबसे पहले रस्सियों की मदद से नीचे उतरकर घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जिला अस्पताल नाहन और शिमला के IGMC रेफर किया गया है।
7 लोगों की मौत की पुष्टि
सिरमौर जिला प्रशासन ने इस हादसे में 7 यात्रियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। मृतकों में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं। हालांकि, अभी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
बस में कितने यात्री थे सवार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार थे। अधिकतर यात्री सिरमौर और शिमला जिले के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलते ही सिरमौर के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से भी इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त किया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसे क्यों बढ़ रहे हैं?
हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे कई कारण सामने आते हैं—
संकरी और घुमावदार सड़कें
तेज रफ्तार
पुराने वाहन
खराब मौसम और फिसलन भरी सड़कें

सुरक्षा मानकों की अनदेखी
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी मार्गों पर यात्री वाहनों के लिए स्पीड लिमिट और नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि हरिपुरधार क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। खतरनाक मोड़ों पर क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड और स्पीड कंट्रोल सिस्टम लगाए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
जांच के आदेश
पुलिस ने बस हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही या तकनीकी खराबी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। बस के फिटनेस और परमिट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय बाजार बंद रहे और लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

