By: Vikash Kumar (Vicky)
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों का घेर लेना आम बात हो गई है। काम का दबाव, रिश्तों की उलझन, भविष्य की चिंता या बीते अनुभवों का बोझ अक्सर दिमाग को थका देता है। कई लोग यह महसूस करते हैं कि बिना किसी खास वजह के भी मन भारी रहता है और हर समय नेगेटिविटी बनी रहती है। ऐसे में मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स एक बेहद आसान लेकिन असरदार तकनीक की सलाह देते हैं, जिसे 5-4-3-2-1 ग्राउंडिंग तकनीक कहा जाता है।

क्या है 5-4-3-2-1 तकनीक
5-4-3-2-1 तकनीक एक साइकोलॉजिकल ग्राउंडिंग एक्सरसाइज है, जिसका मकसद दिमाग को नकारात्मक विचारों से हटाकर वर्तमान पल में लाना होता है। यह तकनीक खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, जो एंग्जायटी, ओवरथिंकिंग, पैनिक अटैक या लगातार नेगेटिव फीलिंग्स से जूझ रहे हैं।
कैसे काम करती है यह तकनीक
इस तकनीक में आपकी पांचों इंद्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। जब दिमाग भविष्य की चिंता या बीते अनुभवों में उलझा होता है, तब इंद्रियों को एक्टिव करके मन को वर्तमान में लाया जाता है। यही प्रक्रिया धीरे-धीरे तनाव और नेगेटिविटी को कम करने में मदद करती है।
5 चीजें देखें
सबसे पहले अपने आसपास 5 ऐसी चीजें देखें, जिन्हें आप साफ तौर पर देख पा रहे हों। यह कोई भी वस्तु हो सकती है, जैसे दीवार, कुर्सी, खिड़की, मोबाइल या पेड़। ध्यान पूरी तरह देखने की प्रक्रिया पर केंद्रित रखें।
4 चीजें महसूस करें
अब 4 चीजों को छूकर महसूस करें। जैसे कपड़ों का कपड़ा, जमीन, कुर्सी या हवा का स्पर्श। यह चरण शरीर और दिमाग के बीच जुड़ाव मजबूत करता है।
3 आवाजें सुनें
इसके बाद अपने आसपास की 3 अलग-अलग आवाजों पर ध्यान दें। जैसे पंखे की आवाज, गाड़ियों का शोर, पक्षियों की आवाज या किसी की बातचीत। यह दिमाग को बाहरी वातावरण से जोड़ता है।

2 खुशबुएं पहचानें
अब 2 खुशबुओं को पहचानने की कोशिश करें। अगर आसपास कोई खुशबू नहीं है, तो अपनी पसंद की किसी खुशबू की कल्पना करें। यह प्रक्रिया दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करती है।
स्वाद पर ध्यान दें
अंत में 1 स्वाद पर फोकस करें। अगर कुछ खा या पी रहे हैं, तो उसके स्वाद को महसूस करें। अगर नहीं, तो अपने पसंदीदा स्वाद के बारे में सोचें। यह तकनीक को पूरा करता है और दिमाग को शांत स्थिति में लाता है।
मेंटल हेल्थ के लिए क्यों है फायदेमंद
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, 5-4-3-2-1 तकनीक से दिमाग की दौड़ रुकती है और व्यक्ति वर्तमान पल में लौट आता है। इससे
तनाव और चिंता कम होती है
नेगेटिव सोच पर कंट्रोल बढ़ता है
पैनिक अटैक की तीव्रता घटती है
भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है
नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है
कब और कैसे करें इसका इस्तेमाल
इस तकनीक को आप कहीं भी और कभी भी अपना सकते हैं। ऑफिस में काम के बीच, घर पर अकेलेपन के समय, यात्रा के दौरान या सोने से पहले भी इसका अभ्यास किया जा सकता है। इसे रोजाना करने से धीरे-धीरे दिमाग खुद ही नेगेटिव सिचुएशन में शांत रहना सीखने लगता है।
आज के समय में क्यों जरूरी है यह तकनीक
डिजिटल लाइफस्टाइल, सोशल मीडिया और लगातार बढ़ती अपेक्षाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना उतना ही जरूरी हो गया है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। 5-4-3-2-1 तकनीक बिना किसी दवा के, प्राकृतिक तरीके से मन को संतुलित करने में मदद करती है, इसलिए यह आज के समय में बेहद उपयोगी मानी जाती है।
यह लेख सामान्य मानसिक स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय या मनोवैज्ञानिक सलाह का विकल्प नहीं है। यदि नकारात्मक भावनाएं लंबे समय तक बनी रहें या समस्या गंभीर हो, तो किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

