By: Vikash Kumar (Vicky)
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं। कभी मोबाइल देखते हुए, कभी ऑफिस के काम के बीच या फिर जल्दबाजी में भोजन निगल लेने की आदत कई बार बड़ी परेशानी बन जाती है। अचानक गले में खाना अटक जाना बेहद डराने वाला अनुभव हो सकता है। कई बार ऐसा लगता है कि सांस ही रुक गई है, सीने में दर्द होने लगता है और घबराहट बढ़ जाती है। यह समस्या भले ही आम हो, लेकिन इसके पीछे शरीर की एक बेहद जटिल प्रक्रिया काम करती है।

खाना निगलना जितना आसान लगता है, वास्तव में उतना सरल नहीं होता। हमारा शरीर इसे तीन चरणों में पूरा करता है। पहले चरण में दांत खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं और लार उसे गीला करके नरम बनाती है ताकि वह आसानी से फिसल सके। अगर खाना ठीक से नहीं चबाया गया या बहुत सूखा है, तो यहीं से परेशानी की शुरुआत हो जाती है। दूसरे चरण में जीभ भोजन को गले के पीछे की ओर धकेलती है। इसी समय सांस की नली कुछ पल के लिए बंद हो जाती है ताकि खाना गलत रास्ते में न जाए। अगर हम बात करते हुए, हंसते हुए या जल्दी में खाना निगलते हैं तो यह संतुलन बिगड़ सकता है। तीसरे और अंतिम चरण में खाना इसोफेगस यानी फूड पाइप से होते हुए पेट तक पहुंचता है। अगर इन तीनों में से किसी भी स्टेप में गड़बड़ी हो जाए, तो खाना बीच में अटक सकता है और घुटन जैसा एहसास होने लगता है।
खाना गले में फंसने की आम वजहें
खाने को बिना अच्छी तरह चबाए निगल लेना, बहुत सूखा या कठोर भोजन खाना, गले की मांसपेशियों की कमजोरी, एसिड रिफ्लक्स, तनाव, उम्र बढ़ने के साथ नली का सिकुड़ना या कुछ दवाओं का असर भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। कई बार जल्दी-जल्दी खाना या ज्यादा बड़े निवाले लेना भी इसकी बड़ी वजह बनता है।
गले में खाना फंस जाए तो तुरंत क्या करें
अगर अचानक ऐसा महसूस हो कि खाना गले में अटक गया है, तो घबराने की बजाय शांत रहना सबसे जरूरी है। कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे कोला या सोडा कई बार फंसे हुए खाने को तोड़ने और उसे नीचे सरकाने में मदद करते हैं। इनमें बनने वाले बुलबुले नली के अंदर दबाव बनाते हैं, जिससे खाना ढीला होकर आगे बढ़ सकता है। मक्खन या थोड़ा सा घी भी एक घरेलू उपाय है। एक चम्मच मक्खन या घी इसोफेगस को चिकना बना देता है, जिससे फंसा हुआ खाना आसानी से पेट की ओर खिसक सकता है। इफर्वेसेंट दवाएं, जिन्हें पानी में घोलकर पिया जाता है, भी डॉक्टरों द्वारा कई बार सुझाई जाती हैं। ये पानी में मिलते ही बुलबुले बनाती हैं और नली में फंसे खाने को आगे बढ़ाने में मदद करती हैं। अगर यह उपलब्ध न हो, तो थोड़ा सा बेकिंग सोडा पानी में मिलाकर भी पिया जा सकता है। हल्का-हल्का पानी पीना भी एक सुरक्षित तरीका है। सूखा खाना अक्सर पानी की कमी से अटक जाता है, इसलिए छोटे-छोटे घूंट में पानी पीने से वह नरम होकर नीचे की ओर सरक सकता है।

कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है
अगर खाना बार-बार गले में अटकता है, तेज दर्द होता है, सांस लेने में परेशानी होती है या खून जैसी शिकायत दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।
यह लेख सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता के लिए है। यह किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। अगर समस्या बार-बार हो या ज्यादा गंभीर लगे, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

