By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत पूरा एनसीआर इन दिनों कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण की त्रिस्तरीय मार झेल रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक छाए रहने वाले घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़कों पर दृश्यता 20 से 50 मीटर तक सिमट गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं दूसरी ओर, ‘जहरीली’ हवा ने दमा और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

तापमान में गिरावट, सिहर उठा NCR
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3–4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। दिनभर धूप न निकलने के कारण ठंड का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 2–3 दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।
कोहरे से थमा यातायात
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली आने-जाने वाली 100 से अधिक ट्रेनें 2 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। कई फ्लाइट्स को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद की सड़कों पर सुबह के समय वाहन रेंगते नजर आए। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर कई जगहों पर वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट के सहारे सफर करना पड़ा।
सड़क हादसों का बढ़ा खतरा
कम दृश्यता के कारण सड़क हादसों का खतरा भी काफी बढ़ गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलें और वाहनों की गति सीमित रखें। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी रही, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
‘जहरीली’ हवा से सांसों पर संकट
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया है। आनंद विहार, जहांगीरपुरी, रोहिणी और मुंडका जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक बना हुआ है। ठंड और कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में नीचे ही फंसे रहते हैं, जिससे हवा और अधिक जहरीली हो जाती है

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है। बिना मास्क बाहर निकलना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
स्कूलों और दफ्तरों पर असर
भीषण ठंड और प्रदूषण के चलते कई निजी स्कूलों ने कक्षाओं के समय में बदलाव किया है। सुबह की शिफ्ट देर से शुरू की जा रही है। वहीं दफ्तरों में भी उपस्थिति प्रभावित हुई है, क्योंकि कर्मचारी देर से पहुंच रहे हैं।
राहत की उम्मीद कब?
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में हल्की हवा चलने की संभावना है, जिससे कोहरे और प्रदूषण से आंशिक राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करें, खुले में कचरा न जलाएं और निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें। GRAP के कड़े प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR इस समय भीषण ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा के खतरनाक संगम से जूझ रहा है। हालात सामान्य होने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

