By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से देवघर जिले के चितरा थाना पुलिस द्वारा एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर चितरा थाना प्रभारी विकास पासवान के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में चलंत वाहन के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। अभियान के तहत ग्राम असनबनी, सोनातर डुमदुमी, सारंडा एवं बरमसिया सहित आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, उससे होने वाले नुकसान और कानूनी दंड के बारे में विस्तार से समझाया। पुलिस द्वारा माइकिंग के माध्यम से सरल भाषा में बताया गया कि किस प्रकार साइबर ठग आम लोगों को झांसे में लेकर ठगी का शिकार बनाते हैं और इससे कैसे सतर्क रहा जा सकता है।

साइबर अपराध नहीं करने का किया गया आग्रह
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए, बल्कि ग्रामीणों से यह भी आग्रह किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के साइबर अपराध में शामिल न हों। थाना प्रभारी विकास पासवान ने बताया कि आज के डिजिटल युग में छोटी-सी गलती भी बड़े अपराध का रूप ले सकती है, इसलिए सभी को कानून की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि फर्जी कॉल, लॉटरी, केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने की धमकी, ओटीपी मांगने जैसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल, एटीएम नंबर, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई।
अपराध करने पर दंड की दी गई जानकारी
पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि साइबर अपराध करने पर आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत कठोर दंड का प्रावधान है। साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी आईडी बनाना, सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट करना या अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं।थाना प्रभारी ने कहा कि कई बार लोग अनजाने में किसी साइबर अपराधी के कहने पर अपने बैंक खाते या सिम का दुरुपयोग होने देते हैं, जो भी अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए किसी को भी अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम उपयोग के लिए न दें।

ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता में रुचि
इस जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पुलिस से सवाल-जवाब किए। कई ग्रामीणों ने साइबर ठगी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जिस पर पुलिस ने उन्हें उचित सलाह दी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के उपाय बताए। पुलिस द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय पर की गई शिकायत से ठगी की राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस-जन सहयोग से ही रुकेगा साइबर अपराध
चितरा थाना पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध पर पूर्ण नियंत्रण तभी संभव है, जब पुलिस और आम जनता मिलकर काम करें। जागरूक नागरिक ही साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी कमजोरी हैं। इसलिए हर व्यक्ति को डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।

आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर अपराध रोकथाम को लेकर इस तरह के जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, पंचायत और बाजार क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत हो सकें।
इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोग अब ऑनलाइन लेन-देन व मोबाइल उपयोग को लेकर पहले से अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं।

