By: Vikash Kumar (Vicky)
क्यों नहीं टिकता पैसा
आज के समय में कई लोग दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी कमाई टिकती नहीं है। पैसा आते ही खर्च हो जाता है या अचानक किसी न किसी समस्या में फंस जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसका कारण सिर्फ किस्मत नहीं बल्कि घर और जीवनशैली से जुड़े वास्तु दोष भी हो सकते हैं। यदि घर में ऊर्जा असंतुलित हो तो इसका सीधा असर आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

गलत दिशा में तिजोरी रखना
वास्तु के अनुसार धन की तिजोरी या अलमारी हमेशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखनी चाहिए और उसका मुख उत्तर की ओर होना चाहिए। यदि तिजोरी गलत दिशा में रखी हो तो धन का प्रवाह बाधित होता है और कमाई के बावजूद पैसा नहीं रुक पाता। तिजोरी के ऊपर भारी सामान रखने से भी आर्थिक नुकसान होता है।
मुख्य द्वार पर गंदगी या टूटा सामान
घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। यदि यहां जूते-चप्पल बिखरे हों, गंदगी हो या टूटा हुआ सामान रखा हो तो नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। इससे घर में कलह, तनाव और आर्थिक तंगी बढ़ती है। इसलिए मुख्य द्वार हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए।
रसोई में वास्तु दोष
रसोई को घर की समृद्धि का केंद्र माना जाता है। यदि गैस चूल्हा गलत दिशा में हो, सिंक और चूल्हा पास-पास हों, या रसोई में अंधेरा रहे तो यह धन हानि का कारण बन सकता है। रसोई को हमेशा स्वच्छ, रोशन और हवादार रखना जरूरी है।
पानी का नल टपकना
वास्तु में टपकता हुआ नल धन रिसने का प्रतीक माना जाता है। यदि घर में कोई नल लगातार टपकता रहे तो यह अनावश्यक खर्च और आर्थिक अस्थिरता बढ़ाता है। इसे तुरंत ठीक कराना चाहिए क्योंकि यह छोटी समस्या बड़े नुकसान का संकेत हो सकती है।

बेडरूम में शीशा और इलेक्ट्रॉनिक्स
बेडरूम में बिस्तर के सामने शीशा होना या जरूरत से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखना भी वास्तु दोष पैदा करता है। इससे मानसिक अशांति, खराब नींद और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। बेहतर है कि बेडरूम में कम से कम गैजेट्स रखें और शीशा सही दिशा में लगाएं।
वास्तु के आसान उपाय
तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाकर धन रखें
मुख्य द्वार पर स्वस्तिक या शुभ चिन्ह लगाएं
रोज शाम को घर में दीपक जलाएं
घर में तुलसी का पौधा रखें
रसोई और बाथरूम साफ रखें
यह जानकारी वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे अंतिम सत्य न मानें। किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

