By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। धर्म और आध्यात्म की नगरी देवघर न केवल देशभर में, बल्कि विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है। विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा ऐसी है कि अब विदेशी श्रद्धालु भी भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने यहां पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में अमेरिका से आए एक दंपति ने देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की और अपने पुराने आध्यात्मिक संबंधों को फिर से जीवंत किया।

अमेरिका निवासी इस दंपति ने बताया कि वे पिछले 11 वर्षों से भगवान भोलेनाथ की शरण में हैं। करीब 11 साल पहले उन्होंने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ही हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। विवाह के बाद से ही बाबा बैद्यनाथ के प्रति उनकी श्रद्धा और आस्था लगातार बढ़ती गई। इस बार भारत यात्रा के दौरान वे विशेष रूप से देवघर आए, ताकि बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
दंपति ने मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की, रुद्राभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर के पुजारियों के मार्गदर्शन में की गई इस पूजा के दौरान वे पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। पूजा के बाद उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा की खुलकर प्रशंसा की।
इस अवसर पर दंपति ने एक और रोचक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत और भारतीय संस्कृति से गहरे लगाव के चलते उन्होंने अपने नाम भी भारतीय रख लिए हैं। अमेरिका में उनका नाम डेविड है, लेकिन भारत में वे स्वयं को “कार्तिक” के नाम से पहचानते हैं, जबकि उनकी पत्नी ने अपना नाम “ऐश्वर्या” रखा है। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और विशेष रूप से भगवान भोलेनाथ की आराधना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।

कार्तिक (डेविड) ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम में उन्हें एक अलग ही शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि देवघर आने पर ऐसा लगता है मानो स्वयं भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हों। यही कारण है कि वे बार-बार यहां खिंचे चले आते हैं। ऐश्वर्या ने भी कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से उनका वैवाहिक जीवन सुखमय है और वे अपने जीवन की हर महत्वपूर्ण घड़ी में बाबा को स्मरण करते हैं।
देवघर के लिए यह दृश्य कोई नया नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से इस बात का प्रमाण है कि बाबा बैद्यनाथ धाम की ख्याति अब वैश्विक स्तर पर फैल चुकी है। सावन मास, श्रावणी मेला, बसंत पंचमी और अन्य प्रमुख अवसरों पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अब विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो देवघर को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूत कर रही है।
स्थानीय पंडा समाज और मंदिर प्रशासन का कहना है कि विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ता आगमन देवघर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिला रहा है। इससे न केवल आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। होटल, परिवहन, गाइड और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। यहां आने वाला हर भक्त, चाहे वह किसी भी देश या संस्कृति से हो, बाबा भोलेनाथ की कृपा से स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करता है। यही कारण है कि आज विदेशी मेहमान भी पूरी श्रद्धा के साथ भारतीय रीति-रिवाज अपनाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
अमेरिका से आए इस दंपति की यात्रा इस बात का सशक्त उदाहरण है कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती। भाषा, देश और संस्कृति की दीवारें बाबा बैद्यनाथ की भक्ति के सामने स्वतः ही टूट जाती हैं। देवघर एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि भगवान भोलेनाथ की महिमा विश्वव्यापी है और उनकी शरण में आने वाला हर भक्त समान रूप से कृपा का पात्र बनता है।

