By: Vikash Kumar (Vicky)
जया एकादशी का धार्मिक महत्व
जया एकादशी हिंदू धर्म की अत्यंत पवित्र और फलदायी एकादशियों में से एक मानी जाती है। यह व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है, इसलिए इसे लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

कब मनाई जाती है जया एकादशी
पंचांग के अनुसार, जया एकादशी हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन मनाई जाती है। यह एकादशी विशेष रूप से उन भक्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो मोक्ष की कामना करते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
जया एकादशी 2026 की सही तिथि
वर्ष 2026 में जया एकादशी 29 जनवरी 2026, गुरुवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन व्रत रखना सबसे शुभ माना जाएगा। भक्त इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखते हुए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।

क्यों मानी जाती है यह एकादशी विशेष
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अधोगति यानी नर्क जैसे कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। साथ ही यह परिवार में धन, वैभव और सौभाग्य का संचार भी करता है।
इस बार बन रहा है विशेष शुभ संयोग
29 जनवरी 2026 को जया एकादशी के दिन रवि योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, इस योग में की गई पूजा-अर्चना कई गुना अधिक फलदायी होती है। इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष लाभ मिलता है और पितरों को भी मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पूजा और व्रत की विधि
इस दिन सुबह स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने दीप जलाएं, तुलसी पत्र अर्पित करें और विष्णु सहस्रनाम या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। शाम के समय भजन-कीर्तन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी व्रत, पूजा या धार्मिक निर्णय से पहले अपने परिवार के पंडित या योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

