By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर (झारखंड)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम” के तहत देवघर जिले में ग्रामीण मजदूरों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में देवघर प्रखंड के मानिकपुर पंचायत अंतर्गत सरासनी गांव में ग्रामीण महिला एवं पुरुष मनरेगा मजदूरों के बीच मनरेगा से संबंधित पर्चियों का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा एवं देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला देवी ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम के दौरान मजदूरों को यह जानकारी दी गई कि किस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है और रोजगार की गारंटी को धीरे-धीरे खत्म करने का प्रयास हो रहा है। नेताओं ने मजदूरों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को बचाने के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।
झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने कहा कि मनरेगा देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार और आजीविका का सहारा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए विधेयकों और नीतिगत बदलावों के जरिए मनरेगा को कमजोर कर रही है। अजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को खत्म करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी और इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने बताया कि मनरेगा में अब तक केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत तक होती थी, जबकि राज्यों पर केवल 10 प्रतिशत का बोझ पड़ता था। लेकिन नए प्रस्तावित विधेयक में कई राज्यों के लिए केंद्र का अनुदान घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे न केवल मनरेगा मजदूरों को कम काम मिलेगा, बल्कि राज्य सरकारों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा। इसका सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास योजनाओं पर पड़ेगा।
अजय कुमार ने आगे कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की रीढ़ है। इसके तहत गांवों में सड़क, तालाब, सिंचाई, जल संरक्षण और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण होता है। यदि केंद्र सरकार अपने हाथ पीछे खींचती है तो इसका नुकसान सबसे पहले गरीब और वंचित वर्ग को होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगी।
देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा को खत्म करने की साजिश कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों की योजनाओं में लगातार कटौती कर रही है और मनरेगा भी उसी साजिश का शिकार हो रही है। अनंत मिश्रा ने कहा कि अगर मनरेगा कमजोर हुई तो ग्रामीण बेरोजगारी तेजी से बढ़ेगी और पलायन की समस्या और गंभीर हो जाएगी।

उन्होंने मजदूरों से कहा कि वे अपने जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान और काम के अधिकार को लेकर सतर्क रहें। यदि कहीं भी मनरेगा के तहत काम देने में लापरवाही या मजदूरी भुगतान में देरी होती है तो इसकी सूचना संगठन को दें, ताकि उचित स्तर पर आवाज उठाई जा सके।
देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला देवी ने कहा कि मनरेगा योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है। इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो इसका सीधा असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह मनरेगा में कटौती की नीति को वापस ले और मजदूरों के हितों की रक्षा करे।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुष मजदूर उपस्थित रहे। मजदूरों ने नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और मनरेगा बचाने के लिए संगठित संघर्ष का संकल्प लिया। कई मजदूरों ने यह भी बताया कि उन्हें पिछले कुछ महीनों से काम मिलने में दिक्कत हो रही है और मजदूरी भुगतान में भी देरी हो रही है।
नेताओं ने मजदूरों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनकी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से आवाज उठाएगी। साथ ही मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में पर्चियों के माध्यम से मजदूरों को मनरेगा के नियम, उनके अधिकार और नए विधेयक से होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी गई। नेताओं ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में देवघर जिले के अन्य पंचायतों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर देवघर के सरासनी गांव में आयोजित यह कार्यक्रम मनरेगा बचाने की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस और इंटक नेताओं ने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर नहीं होने देंगे और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

