By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार समाहरणालय परिसर में दिनांक 21 जनवरी 2026 (मंगलवार) को पूर्वाह्न 10:30 बजे से एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य जिले में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। जिला प्रशासन की ओर से इस शिविर की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं, ताकि रक्तदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जिलावासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस पुनीत कार्य में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान करना किसी के जीवनदान के समान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान कर के न सिर्फ किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है, बल्कि यह स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। उन्होंने आमजन के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि कई लोग यह सोचकर रक्तदान नहीं करते कि इससे उनकी सेहत खराब हो जाएगी, जबकि यह पूरी तरह से मिथ्या है।
उपायुक्त ने कहा कि कुछ लोगों को यह भ्रम होता है कि रक्तदान करने से शरीर में खून की कमी हो जाएगी और वे बीमार पड़ जाएंगे, जबकि वास्तविकता यह है कि रक्तदान के कुछ ही समय बाद शरीर स्वयं ही नए रक्त का निर्माण कर लेता है। इससे स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि शरीर की कार्यक्षमता बेहतर होती है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय दृष्टि से नियमित अंतराल पर रक्तदान करना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि कभी-कभी ब्लड बैंक में रक्त की अनुपलब्धता के कारण गंभीर मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर दुर्घटनाग्रस्त मरीजों, गर्भवती महिलाओं, ऑपरेशन से गुजर रहे रोगियों तथा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की तत्काल आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि समय पर रक्त उपलब्ध न हो, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसीलिए सभी सक्षम नागरिकों को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।
उपायुक्त लकड़ा ने कहा कि रक्तदान महादान है और यह वास्तव में मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने के पश्चात कुछ ही समय में हमारे शरीर में दिए गए रक्त की आपूर्ति पुनः हो जाती है और इसका हमारे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान करने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है, शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है तथा नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया तेज होती है।
शिविर के दौरान प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मौजूद रहेगी, जो रक्तदाताओं की प्रारंभिक जांच करेगी। रक्तदान से पहले रक्तचाप, हीमोग्लोबिन स्तर, वजन और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रक्तदाता पूरी तरह स्वस्थ है। रक्तदान के बाद रक्तदाताओं को कुछ समय के लिए विश्राम करने की सुविधा दी जाएगी और उन्हें पौष्टिक नाश्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, वे इस शिविर में भाग ले सकते हैं। जिन लोगों को हाल ही में कोई गंभीर बीमारी हुई हो, ऑपरेशन हुआ हो या जो किसी संक्रामक रोग से पीड़ित हों, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही रक्तदान करना चाहिए।
उपायुक्त ने जिले के सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, एनसीसी कैडेट्स, कॉलेज और स्कूल के छात्रों से भी आग्रह किया है कि वे इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियाँ दूर होंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वयं को सेहतमंद रखने का सबसे अच्छा तरीका भी यही है कि हम सभी रक्तदान करें। रक्तदान करने से न केवल किसी अनजान व्यक्ति की जान बचती है, बल्कि हमें आत्मिक संतोष और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय पर समाहरणालय परिसर में पहुंचकर इस नेक कार्य में भाग लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह शिविर जिले में रक्त की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
अंत में उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि हम सभी आगे आएं और एक अच्छे उद्देश्य की पूर्ति हेतु अवश्य रक्तदान करें। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है और यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें।

