आज के समय में फिटनेस और वजन घटाने के नाम पर बहुत से लोग अपने खान-पान से घी और तेल को पूरी तरह हटा देते हैं। सोशल मीडिया पर यह धारणा तेजी से फैल रही है कि घी-तेल खाना मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों की वजह बनता है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या घी और तेल को पूरी तरह छोड़ देना वास्तव में सेहत के लिए फायदेमंद है या फिर यह शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकता है? आइए जानते हैं इस सवाल की पूरी सच्चाई मेडिकल साइंस और आयुर्वेद दोनों के नजरिए से।

शरीर को क्यों जरूरी होती है फैट की मात्रा
हमारा शरीर सिर्फ कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से नहीं चलता, बल्कि फैट भी एक जरूरी पोषक तत्व है। घी और तेल शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई जरूरी विटामिन्स को अवशोषित करने में मदद करते हैं। विटामिन A, D, E और K फैट-सॉल्युबल होते हैं, यानी इनके सही अवशोषण के लिए शरीर में पर्याप्त फैट होना जरूरी है। अगर आप घी-तेल पूरी तरह छोड़ देते हैं, तो इन विटामिन्स की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है।

घी पूरी तरह छोड़ने से क्या नुकसान हो सकता है
घी और तेल को पूरी तरह बंद करने से शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक फैट की कमी रहने से हार्मोन असंतुलन हो सकता है, खासकर महिलाओं में। इसके अलावा त्वचा रूखी होने लगती है, बाल कमजोर हो सकते हैं और थकान जल्दी महसूस होती है। कुछ लोगों में इम्युनिटी भी कमजोर पड़ सकती है क्योंकि फैट शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

आयुर्वेद क्या कहता है घी के बारे में
आयुर्वेद में घी को अमृत समान माना गया है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार सीमित मात्रा में शुद्ध देसी घी का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, दिमाग को तेज करता है और जोड़ों के लिए भी लाभकारी होता है। आयुर्वेद यह नहीं कहता कि घी पूरी तरह छोड़ दिया जाए, बल्कि यह सलाह देता है कि व्यक्ति अपनी उम्र, पाचन क्षमता और दिनचर्या के अनुसार घी का सेवन करे।

तेल से पूरी तरह दूरी बनाना कितना सही
तेल को पूरी तरह छोड़ देना भी सेहत के लिए सही नहीं माना जाता। शरीर को अच्छे फैटी एसिड्स की जरूरत होती है, जो सरसों के तेल, मूंगफली के तेल, नारियल तेल और जैतून के तेल से मिलते हैं। ये तेल दिल की सेहत, मस्तिष्क के विकास और कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करते हैं। हालांकि जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन जरूर नुकसानदेह हो सकता है।

वजन घटाने वालों के लिए क्या है सही तरीका
जो लोग वजन घटाने के लिए घी-तेल छोड़ते हैं, उन्हें यह समझना जरूरी है कि समस्या घी-तेल नहीं, बल्कि उनकी मात्रा है। सीमित मात्रा में घी और तेल लेने से वजन बढ़ता नहीं, बल्कि मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। रिसर्च के अनुसार पूरी तरह फैट फ्री डाइट लेने वाले लोगों में क्रेविंग बढ़ जाती है, जिससे वे बाद में ज्यादा अनहेल्दी खाना खाने लगते हैं।

कितना घी-तेल खाना है सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति दिनभर में लगभग 3 से 4 चम्मच तेल और 1 से 2 चम्मच घी का सेवन कर सकता है। यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कम-ज्यादा हो सकती है। तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से मिलने वाले फैट से बचना ज्यादा जरूरी है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
जिन लोगों को गंभीर हृदय रोग, अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल या लिवर से जुड़ी समस्या है, उन्हें घी-तेल का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए। लेकिन फिर भी पूरी तरह छोड़ना आमतौर पर सलाह नहीं दी जाती, जब तक डॉक्टर ऐसा न कहें।

घी-तेल पूरी तरह छोड़ना सेहत के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि कई मामलों में नुकसानदेह साबित हो सकता है। सही मात्रा, सही समय और सही प्रकार का घी-तेल चुनना ही स्वस्थ जीवन का सही रास्ता है। संतुलित आहार ही अच्छी सेहत की कुंजी माना जाता है।


