By: Vikash Kumar (Vicky)
उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल मनाली में हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं, जहां बर्फबारी के चलते सैकड़ों पर्यटक रास्ते में ही फंस गए हैं। लगातार ट्रैफिक जाम और सड़क बंद होने से पर्यटकों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

मनाली में हालात ऐसे हैं कि प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर बसों और बड़े वाहनों को मनाली से करीब 16 किलोमीटर पहले ही रोकना पड़ रहा है। बर्फ से ढकी सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। कई पर्यटक घंटों तक जाम में फंसे रहे, जबकि कुछ को होटल तक पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। ऐसे में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीमें सड़कों से बर्फ हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी उनके काम में बाधा बन रही है।

मनाली के साथ-साथ लाहौल-स्पीति, कुल्लू और शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान पहाड़ों में और बर्फबारी की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में भी ठंड का प्रकोप जारी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, औली और मसूरी जैसे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो राजधानी में सुबह और रात के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जबकि ठंडी हवाओं ने सर्दी का एहसास और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।

राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी का अनुमान है। बारिश के साथ ठंड और बढ़ सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि सुबह के समय घना कोहरा यातायात के लिए चुनौती बना हुआ है। कई जगहों पर विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश व कोहरे का सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।

डॉक्टरों ने इस ठंड में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मनाली में बर्फ में फंसे पर्यटक हों या मैदानी इलाकों में शीतलहर से जूझते लोग, फिलहाल राहत की कोई खास उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

