By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस एवं यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के दौरे के उपरांत आज रांची पहुंचे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट परिसर में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल सहित आमजनों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरे एयरपोर्ट परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य एवं आम नागरिक मौजूद रहे। सभी ने फूल-मालाओं और पारंपरिक अंदाज में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यह दृश्य राज्य के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।

दावोस यात्रा बनी झारखंड के लिए ऐतिहासिक
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में पहली बार झारखंड से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति, नीति निर्माता और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। ऐसे मंच पर झारखंड की उपस्थिति ने राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान की है।
झारखंड ने वैश्विक मंच पर रखी अपनी बात
एयरपोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक सम्मेलन के माध्यम से झारखंड ने एक बड़े पटल पर अपनी बातें रखने का बेहतर प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दावोस और लंदन में झारखंड की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया गया। समय-समय पर इस यात्रा से जुड़ी जानकारियां राज्यवासियों तक पहुंचती रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार झारखंड ने इतने बड़े वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो आने वाले समय में राज्य के विकास की दिशा तय करेगा।

निवेश और विकास की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक सम्मेलन के माध्यम से राज्य सरकार को जो अनुभव मिला है, उसका उपयोग झारखंड के समग्र विकास में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि झारखंड की जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ यहां की अपार संभावनाओं को एक नया आयाम देने की पहल की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में खनिज संपदा, कृषि, पर्यटन, ऊर्जा और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। इन सभी क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
शिक्षा और युवाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम जोड़ने का प्रयास किया गया है। इससे राज्य की युवा पीढ़ी को मजबूती मिलेगी और उन्हें वैश्विक स्तर की शिक्षा एवं अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिशा देने के लिए सरकार सकारात्मक पहल करेगी। युवाओं को रोजगार से जोड़ना और उन्हें हुनरमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
लंदन दौरे से भी मिले अहम अनुभव
दावोस के साथ-साथ मुख्यमंत्री का लंदन दौरा भी झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान राज्य में निवेश की संभावनाओं को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए नीतिगत सुधार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

उद्योग जगत में उत्साह
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की यात्रा को राज्य के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे से झारखंड में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उद्योग जगत को उम्मीद है कि आने वाले समय में झारखंड में बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स देखने को मिलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जनता में दिखा भरोसा
मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान आम नागरिकों में भी उत्साह देखा गया। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित होगा।कई नागरिकों ने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज राज्य के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में पहचाना जाएगा।

राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने का संकल्प
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में मौजूद सभी संभावनाओं को मूर्त रूप देकर झारखंड को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की यात्रा को आगे बढ़ाएगी और झारखंड को एक नई पहचान दिलाने का कार्य करेगी।

