By: Vikash Kumar (Vicky)
30 जनवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज जहां जया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा, वहीं साल 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। एक ओर भगवान विष्णु की कृपा पाने का अवसर है, तो दूसरी ओर प्रदोष व्रत के माध्यम से भगवान शिव की विशेष आराधना का संयोग बन रहा है। ऐसे में आज का दिन का व्रत, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार सही समय पर किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ला सकते हैं।

आज का पंचांग और तिथि
पंचांग के अनुसार आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। इसी तिथि पर जया एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक पारण करने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को भी समर्पित होता है, इसलिए धन और सुख-समृद्धि की कामना से पूजा करना शुभ माना जाता है।
जया एकादशी पारण का महत्व
जया एकादशी का व्रत मोक्षदायी माना गया है। मान्यताओं के अनुसार इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को नकारात्मक योनियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज द्वादशी तिथि में पारण करने से व्रत पूर्ण होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

प्रदोष व्रत का संयोग
आज शाम के समय प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह साल 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत माना जा रहा है, इसलिए शिव भक्तों के लिए आज का दिन विशेष फलदायी है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत से स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।
शुभ मुहूर्त का महत्व
30 जनवरी 2026 को पूजा-पाठ, दान-पुण्य और व्रत पारण के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पंचांग के अनुसार भद्रा या राहुकाल के समय शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। प्रदोष काल में शिव पूजन और दिन में उचित समय पर पारण करना श्रेष्ठ माना गया है।

राहुकाल का समय
शुक्रवार के दिन राहुकाल दिन के समय पड़ता है। इस दौरान कोई भी नया कार्य, यात्रा या शुभ शुरुआत करना वर्जित माना जाता है। हालांकि पूजा-पाठ और नियमित धार्मिक कर्म राहुकाल में भी किए जा सकते हैं।
सूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्योदय प्रातःकाल में और सूर्यास्त सायंकाल में होगा। दिन और रात के समय के अनुसार व्रत, पारण और प्रदोष पूजा की योजना बनाना लाभकारी रहेगा।
कुल मिलाकर, 30 जनवरी 2026 का दिन जया एकादशी पारण, प्रदोष व्रत और शुक्रवार के संयोग के कारण अत्यंत शुभ माना जा रहा है। यदि आज श्रद्धा और नियम के साथ पूजा-पाठ और व्रत किए जाएं, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यह पंचांग संबंधी जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। स्थान और पंचांग भेद के अनुसार समय में अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

