By: Vikash Kumar (Vicky)
जम्मू-कश्मीर के उत्तरी क्षेत्र कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकत सामने आई है। शुक्रवार को देर शाम लगभग 15 पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश करते देखे गए। भारतीय सेना ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और फायरिंग की, जिसके बाद सभी ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए।

सूत्रों के अनुसार, यह घटना कुपवाड़ा जिले के केरन और तंगधार सेक्टर के पास की बताई जा रही है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही एलओसी पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर अलर्ट मोड पर थीं। जैसे ही रडार और निगरानी उपकरणों में ड्रोन मूवमेंट दर्ज हुई, सेना ने बिना देरी किए जवाबी कार्रवाई की।
भारतीय सेना के अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन का इस्तेमाल अक्सर हथियार, गोला-बारूद, नकदी या नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है। हालांकि इस बार ड्रोन भारतीय सीमा के भीतर किसी भी प्रकार की सामग्री गिराने में सफल नहीं हो सके। सेना की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा खतरा टल गया।

लगातार बढ़ रही ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं**
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए घुसपैठ की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। खासकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब सीमा पर ड्रोन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह रणनीति सीमा पार आतंकवाद का नया तरीका बन चुकी है।

सेना और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
घटना के बाद पूरे कुपवाड़ा जिले में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल संयुक्त रूप से इलाके की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रयास को नाकाम किया जा सके।
स्थानीय लोगों में चिंता, लेकिन भरोसा कायम
ड्रोन घुसपैठ की खबर से स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल जरूर बना, लेकिन भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई ने लोगों का भरोसा और मजबूत किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सेना हर चुनौती से निपटने में सक्षम है और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।

पाकिस्तान की मंशा पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह की हरकतों से भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता है। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान की साजिश को नाकाम कर दिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है।

ड्रोन तकनीक पर सख्त नजर
भारतीय सेना अब एंटी-ड्रोन तकनीक, जैमर सिस्टम और आधुनिक रडार के जरिए एलओसी पर सुरक्षा को और मजबूत कर रही है। आने वाले समय में ड्रोन के जरिए किसी भी घुसपैठ की कोशिश को पूरी तरह विफल करने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। सुरक्षा बल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

