By: Vikash Kumar (Vicky)
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह दिनभर के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति की जानकारी देता है। 5 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है क्योंकि आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत रखा जाएगा। भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए यह तिथि विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।

पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 07 बजकर 07 मिनट पर होगा और चंद्रदेव उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिससे कई शुभ योग बनने के संकेत मिल रहे हैं।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करते हैं और अपने जीवन की समस्याओं से मुक्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस दिन गणेश मंत्रों का जाप और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलना विशेष फलदायी माना जाता है।

आज की तिथि, नक्षत्र और योग
पंचांग के अनुसार आज की तिथि संकष्टी चतुर्थी है, जो धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आज चंद्रमा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जिससे कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण कुछ लोगों के लिए नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है, हालांकि महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है।

आज का शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए आज कुछ विशेष शुभ मुहूर्त माने जा रहे हैं। सुबह के समय भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है। दिन के दौरान अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ काल में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करें, जिससे धार्मिक नियमों का पालन हो सके।
राहुकाल का समय और सावधानियां
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल का समय दोपहर के आसपास पड़ सकता है, इसलिए इस अवधि में महत्वपूर्ण निर्णय या शुभ कार्य टालना बेहतर माना जाता है। हालांकि नियमित दैनिक कार्यों पर इसका विशेष प्रभाव नहीं माना जाता।

पंचांग का दैनिक जीवन में महत्व
पंचांग केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि दैनिक जीवन की योजना बनाने में भी सहायक होता है। शुभ-अशुभ समय की जानकारी होने से लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों, यात्रा और निवेश से जुड़े निर्णय बेहतर तरीके से ले सकते हैं। यही कारण है कि आज भी कई लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं ताकि उनका दिन सकारात्मक और सफल बन सके।

यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। विभिन्न स्थानों और पंचांगों के अनुसार समय और विवरण में अंतर संभव है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या निर्णय से पहले स्थानीय पंडित या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

