By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी आस्था और आध्यात्मिक शक्ति विदेशों में भी तेजी से फैल रही है। भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की श्रद्धा सीमाओं को पार कर रही है और विदेशी श्रद्धालु भी बाबा की नगरी देवघर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसी कड़ी में फ्रांस मूल की महिला एलिसा, जिन्हें भारत में भैरवी नाम से जाना जाता है, बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचीं और पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।

भैरवी ने मंदिर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया और मंदिर परिसर में आयोजित संध्या आरती में भी शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की भक्ति में एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा मौजूद है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मिक संतोष प्रदान करती है। उनका मानना है कि भगवान शिव की आराधना से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और व्यक्ति को आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है।
ज्योतिर्लिंग यात्रा पर अकेले निकलीं भैरवी
फ्रांस की रहने वाली भैरवी ने बताया कि वह भगवान शिव की अनन्य भक्त हैं और अब तक देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से 8 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था इतनी गहरी है कि उन्होंने शेष ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए अकेले ही यात्रा शुरू की है। उनका लक्ष्य सभी ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना है।
भैरवी ने बताया कि भारत आने से पहले ही उन्हें सनातन संस्कृति और भगवान शिव के प्रति विशेष आकर्षण महसूस होता था। भारत आने के बाद उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मान्यताओं को करीब से समझा और खुद को इससे जुड़ा हुआ महसूस किया। उन्होंने कहा कि भारत की धार्मिक परंपराएं और आध्यात्मिक वातावरण उन्हें बेहद प्रभावित करता है।

फ्रांस में बनवाया शिवालय
भैरवी ने बताया कि भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा इतनी अधिक है कि उन्होंने फ्रांस में एक शिवालय का निर्माण करवाया है। वहां वह प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं और अन्य लोगों को भी सनातन संस्कृति और शिवभक्ति से जोड़ने का प्रयास करती हैं। उन्होंने बताया कि फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों में भी अब लोग भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव केवल भारत के देवता नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति और संतुलन के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि शिव की भक्ति किसी धर्म या देश की सीमा में बंधी नहीं है और यही कारण है कि दुनिया भर में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही बाबा बैद्यनाथ धाम की पहचान
मंदिर के पुरोहित राकेश झा ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रही है। पहले जहां मुख्य रूप से भारतीय श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना करने आते थे, वहीं अब विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सनातन धर्म की बढ़ती लोकप्रियता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।
राकेश झा ने बताया कि विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि सनातन धर्म और भगवान शिव की भक्ति वैश्विक स्तर पर लोगों को आकर्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र बन चुका है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र
बाबा बैद्यनाथ धाम हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सावन माह के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और देश-विदेश से भक्त कांवड़ यात्रा कर बाबा के दरबार में जल चढ़ाते हैं।
देवघर स्थित यह मंदिर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण स्थान बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालु केवल पूजा-अर्चना ही नहीं करते बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवनशैली का अनुभव भी प्राप्त करते हैं। विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि बाबा बैद्यनाथ धाम की ख्याति विश्व स्तर पर फैल रही है।

सनातन संस्कृति के प्रचार में विदेशी श्रद्धालुओं की भूमिका
भैरवी जैसी विदेशी श्रद्धालु न केवल स्वयं सनातन धर्म को अपना रही हैं बल्कि अपने देश और समाज में भी इसकी जानकारी और महत्व को साझा कर रही हैं। इससे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का वैश्विक प्रचार-प्रसार हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भारत के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा दे रही है।

आस्था का वैश्विक केंद्र बनता देवघर
बाबा बैद्यनाथ धाम की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता यह दर्शाती है कि आध्यात्मिकता और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। दुनिया भर के लोग शांति और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में यहां पहुंच रहे हैं। भैरवी जैसी श्रद्धालुओं की यात्रा यह साबित करती है कि सनातन धर्म की परंपराएं और भगवान शिव की भक्ति पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखती है।
देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि वैश्विक आस्था और आध्यात्मिकता का प्रतीक बनता जा रहा है। आने वाले समय में यहां विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे यह स्थान अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत पहचान बनाएगा।

