By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार अपराधी लोगों को PM किसान योजना, PhonePe कैशबैक और Airtel Payment Bank के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद किया है। इस कार्रवाई से जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइबर थाना देवघर को गुप्त सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र के डकाई जंगल इलाके में कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं। ये अपराधी खुद को फर्जी बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और उन्हें अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक राजा कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने 4 फरवरी 2026 को सारठ थाना क्षेत्र के डकाई जंगल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे करता था साइबर ठगी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गिरफ्तार अपराधी लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी की अपराध शैली बेहद संगठित और योजनाबद्ध थी। वह अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगने का काम करता था।
PM किसान योजना के नाम पर ठगी
आरोपी PM किसान योजना के लाभुकों को फर्जी लिंक भेजता था। लिंक के जरिए लाभुकों को योजना से जुड़ी जानकारी अपडेट करने का झांसा दिया जाता था। जैसे ही लोग लिंक पर क्लिक करते थे, उनके बैंक और निजी जानकारी अपराधी के पास पहुंच जाती थी। इसके बाद वह उनके खाते से पैसे निकाल लेता था।

PhonePe और Paytm कस्टमर केयर बनकर ठगी
साइबर अपराधी खुद को PhonePe और Paytm का कस्टमर केयर अधिकारी बताता था। वह लोगों को कैशबैक और गिफ्ट कार्ड देने का लालच देता था। इसके बाद वह लोगों से PhonePe Gift Card बनवाकर उसे रिडीम करने के लिए कहता था। इस प्रक्रिया में लोगों के पैसे ठग लिए जाते थे।
Airtel Payment Bank के नाम पर धोखाधड़ी
आरोपी खुद को Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह लोगों को यह कहकर डराता था कि उनका बैंक कार्ड बंद हो गया है। इसके बाद कार्ड को फिर से चालू करने के नाम पर लोगों से बैंक डिटेल और OTP लेकर पैसे ठग लेता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान जुमराती अंसारी (उम्र 28 वर्ष) के रूप में की है। आरोपी सारठ थाना क्षेत्र के बाजडबरा गांव का रहने वाला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है।
बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:
1 मोबाइल फोन
2 सिम कार्ड
पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच की जा रही है, जिससे अन्य ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी
इस कार्रवाई में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अहम भूमिका निभाई। छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी निम्नलिखित हैं:
पु०नि० शिवनारायण कामत
पु०अनि० विश्वेश्वर कुमार
सारठ थाना की पुलिस टीम
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस की अपील
देवघर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। सरकारी योजना, बैंक या डिजिटल पेमेंट कंपनी कभी भी फोन पर OTP या बैंक डिटेल नहीं मांगती है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं। पुलिस ने यह भी कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। साथ ही लोग राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान
देवघर पुलिस जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराध के मामले भी बढ़े हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक होना बेहद जरूरी है। पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि लोग साइबर ठगी से बच सकें।
देवघर साइबर थाना की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क है। इस गिरफ्तारी से कई संभावित ठगी के मामलों को रोका जा सका है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के लालच या डर में आकर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
