By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची, झारखंड सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी हब के रूप में विकसित करने के लिए एक ऐतिहासिक निवेश पहल की घोषणा की है, जिसमें राज्य के मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य को पूर्वी भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर और IT हब बनाने के लिए रास्ता साफ हो गया है। यह घोषणा दावोस (World Economic Forum) के दौरान सिंगापुर आधारित Sunshine Global Capital Limited के निवेश प्रस्ताव के रूप में सामने आई है, जिसमें लगभग ₹1.27 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद जताई जा रही है।

इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य है झारखंड के आईटी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा प्रोसेसिंग, और एआई (Artificial Intelligence) आधारित तकनीकों को बढ़ावा देना। राज्य को तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करते हुए, इससे स्थानीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।
क्या है प्लान?
• सरकार और निवेशक मिलकर रांची में एआई आधारित अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करेंगे, जिसे पूर्वी भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर माना जा रहा है।
• यह डेटा सेंटर केन्द्र और राज्य सरकार की Digital India पहल को मजबूत करेगा और सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को और गति देगा।
• निवेश से नये IT पार्क, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और सूचना तकनीकी सेवाओं की मांग को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा।
• राज्य में English और Global Standard IT कंपनी हेडक्वार्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।

आर्थिक संभावना और रोजगार
मंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह प्रस्ताव झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। अनुमान है कि इस निवेश से:
हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे
सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा प्रोसेसिंग, और तकनीकी सेवा कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी
स्टार्टअप और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा मिलेगा
स्थानीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर कौशल क्षमता के साथ रोजगार मिलेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह निवेश प्रस्ताव लागू होता है, तो झारखंड की Gross State Domestic Product (GSDP) में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, और रांची वैश्विक IT निवेश मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल करेगा।

निवेश के लाभ
डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: राज्य डेटा सेंटर्स, साइबर सुरक्षा सिस्टम और एआई आधारित सेवाओं के लिए आवश्यक टेक्नोलॉजी लेयर्स को मजबूत करेगा।
स्थानीय प्रतिभा विकास: IIT, BIT Mesra, IIIT Ranchi जैसे तकनीकी संस्थान इलाके के युवा टैलेंट को प्रशिक्षण और रोजगार के लिए तैयार करेंगे।
ग्लोबल इंट्रा-इंडस्ट्री कनेक्टिविटी: वैश्विक फर्मों के साथ साझेदारी से झारखंड IT निवेश के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बन सकता है।
डेटा सेंटर और डिजिटल इकोसिस्टम
डेटा सेंटर की भूमिका आज सूचना प्रौद्योगिकी अर्थव्यवस्था के केंद्र में है। उच्च-स्तरीय डेटा प्रोसेसिंग कंपनियों के लिए विश्वसनीय IT हब होना राज्यों के लिए आर्थिक विकास, वैश्विक निवेश, और डिजिटल प्रशासनिक सेवाओं को सुगम बनाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि भारत में डेटा सेंटर क्षमता लगातार वृद्धि कर रही है, और आने वाले वर्षों में यह और ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाएगा। इस प्रकार की परियोजनाएँ टेक इंडस्ट्री को बेहतर आधार प्रदान करती हैं, जिससे ग्लोबल IT कंपनियों का प्रवेश आसान होता है।

ग्रामीण-शहरी समावेशन
झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। इस निवेश से वहां की जनसंख्या, विशेष रूप से युवा वर्ग को तकनीकी मानव संसाधन (Human Capital) के अवसर प्राप्त होंगे। IT हब बनने से ग्रामीण और शहरी भागों में तकनीकी साक्षरता, रोजगार और डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

अंत में – रणनीतिक महत्त्व
यह प्रस्ताव झारखंड को एक स्थायी तकनीकी और डिजिटल केंद्र बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अगर यह निवेश सही तरीके से लागू होता है, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था, तकनीकी रोजगार, और दीर्घकालिक डिजिटाइजेशन योजनाओं को बहुत आगे ले जाएगा।
यह झारखंड के लिए न केवल आर्थिक अवसर है, बल्कि राज्य के युवा वर्ग के लिए भविष्य-नियोजित प्रगति का मार्ग भी है। अंततः, यह पहल झारखंड को पूर्वी भारत का प्रमुख डिजिटल हब बनाने की दिशा में निर्णायक मानी जा रही है।

