By: Vikash Kumar (Vicky)
बिहार सरकार ने ग्रामीण सड़कों और पुलों के जंक्शनों पर सड़क सुरक्षा के मानकों को लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत सड़कों के जंक्शनों, स्कूल, अस्पताल, बाजार, बैंक और अन्य संवेदनशील स्थानों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग तथा रम्बल स्ट्रिप्स की स्थापना की जाएगी, जिससे वाहन चालकों को चेतावनी मिल सके और पैदल यात्रियों को सुरक्षित रूप से सड़क पार करने में सहायता मिलेगी।

क्या है यह योजना?
राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग ने अपने अभियंताओं को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि ग्रामीण सड़कों और पुलों के जंक्शनों तथा संवेदनशील स्थानों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग और रम्बल स्ट्रिप्स के साथ उचित साइन बोर्ड स्थापित किए जाएं। इस पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रम्बल स्ट्रिप्स सड़क की सतह पर बने खांचे या उभरे पैटर्न होते हैं, जो वाहन के पहियों के गुजरने पर कंपन और आवाज़ पैदा करते हैं। इसका उद्देश्य तेज़ गति से चल रहे वाहनों को सचेत करना और गति कम कराना है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या घटे। वहीं, ज़ेबरा क्रॉसिंग सफेद और काली धारियों वाली चिन्हित जगह होती है, जहाँ पैदल यात्रियों को सड़क पार करने का प्राथमिक अधिकार मिलता है। वाहन चालकों को इन क्रॉसिंग के सामने रुकना अनिवार्य होता है, जिससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

कितने स्थान चिन्हित किए गए हैं?
मुख्य अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कुल 20,691 स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां इन सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। इनमें से अब तक 8,444 स्थानों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग या रम्बल स्ट्रिप्स का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 12,472 स्थानों पर यह काम आगे जारी है।

सड़क सुरक्षा का व्यापक संदर्भ:
बिहार में ग्रामीण संपर्क और सड़क सुरक्षा को लेकर कई योजनाएँ पहले से ही चल रही हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और विस्तार के लिए लंबी अवधि की योजना बनाई है, जिसमें हजारों किलोमीटर सड़क की मरम्मत और रखरखाव कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकें। इस पहल के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में सड़कों की मरम्मत और उन्नयन कार्य को तेजी से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार का मानना:
सरकार का मानना है कि
ग्रामीण इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है, और इसके कारण जनता को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए शहरों की तरह ही ग्रामीण सड़कों पर भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। इसके तहत ज़ेबरा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप्स, संकेत बोर्ड और गति सीमा चिन्ह जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम:
रम्बल स्ट्रिप्स का उद्देश्य तेज गति से गुजरते वाहनों को चेतावनी देना और गति को नियंत्रित करना है। जब वाहन इन खांचे पर गुजरता है, तो कंपन वाहन चालकों को सचेत करता है जिससे वे गति कम कर लेते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आती है, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पैदल यात्री अधिक होते हैं। ज़ेबरा क्रॉसिंग भी पैदल यात्रियों के लिए एक सुरक्षित गुजरने का मार्ग प्रदान करती है और वाहन चालकों को वहाँ रुकने का संकेत देती है।

ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विकास:
बिहार में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने कई परियोजनाएँ चलाई हैं ताकि ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके, सड़कों की गुणवत्ता सुधरे, और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इस दिशा में नई पहलों के तहत दो-लेन सड़कें, बेहतर संकेत प्रणाली और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
लाभ:
पैदल यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी
वाहन चालकों को चेतावनी मिलेगी
दुर्घटनाओं में कमी आएगी
ग्रामीण कनेक्टिविटी और यातायात सुरक्षित होगा
