By: Vikash Kumar (Vicky)
राजगीर (नालंदा): बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल राजगीर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार जैन पर्यटकों के शव फंदे से लटके मिले हैं। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जो सभी बेंगलुरु (कर्नाटक) से राजगीर घूमने आए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये चारों पर्यटक 2 फरवरी से लापता बताए जा रहे थे।

घटना का खुलासा तब हुआ जब धर्मशाला के कर्मचारियों को कमरे से तेज बदबू आने लगी। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे के भीतर चारों शव अलग-अलग फंदों से लटके मिले।
अंदर से बंद था कमरा, बढ़ी रहस्य की परत
पुलिस के अनुसार, जिस कमरे में चारों शव मिले, वह अंदर से बंद था। खिड़कियां भी बंद थीं और कमरे में किसी प्रकार की जबरन घुसपैठ के संकेत नहीं मिले हैं। इस कारण मामला और अधिक रहस्यमय हो गया है। पुलिस ने पूरे कमरे को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। धर्मशाला प्रबंधन के मुताबिक, चारों पर्यटकों ने कुछ दिन पहले ही कमरा बुक कराया था और सामान्य व्यवहार कर रहे थे। किसी प्रकार के विवाद या असामान्य गतिविधि की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

2 फरवरी से थे लापता
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये चारों लोग 2 फरवरी के बाद से किसी के संपर्क में नहीं थे। उनके मोबाइल फोन भी बंद मिल रहे थे। परिजनों द्वारा संपर्क नहीं हो पाने के कारण चिंता जताई जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने बेंगलुरु में उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम कमरे से साक्ष्य एकत्र कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह सामूहिक आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। कमरे से किसी प्रकार का सुसाइड नोट अभी तक बरामद नहीं हुआ है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
धर्मशाला और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिरी बार चारों को कब और किस हाल में देखा गया था। इसके अलावा, उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों में दहशत
राजगीर जैसे शांत और धार्मिक माहौल वाले क्षेत्र में इस तरह की घटना से स्थानीय लोग भी हैरान हैं। जैन समुदाय के लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और चिंता है। धर्मशाला में ठहरे अन्य पर्यटकों को भी एहतियातन दूसरे कमरों में शिफ्ट किया गया है।

पुलिस का आधिकारिक बयान
नालंदा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “कमरा अंदर से बंद था। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।”
परिजनों का इंतजार
मृतकों के परिजनों के राजगीर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि परिजनों के आने के बाद की जाएगी। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पर्यटन स्थल की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ठहरने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या धर्मशालाओं और होटलों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है, इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
राजगीर की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। एक साथ चार लोगों का इस तरह मृत पाया जाना सामान्य घटना नहीं है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। पूरे मामले की गुत्थी अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और जांच के बाद ही सुलझ पाएगी।

