By: Vikash Kumar (Vicky)
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभी से पूरी मजबूती के साथ तैयारियों में जुट जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बसपा आने वाले चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

मायावती ने कहा कि केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकारें जनहित के असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर समाज में आपसी विद्वेष और नफरत फैलाने के एजेंडे पर काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकारें पूरी तरह विफल साबित हुई हैं, लेकिन इन सवालों से बचने के लिए समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की जा रही है।

बसपा सुप्रीमो ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे गांव, कस्बे और शहर स्तर पर संगठन को मजबूत करें और आम जनता के बीच जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करें। उन्होंने कहा कि बसपा का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय और सर्वजन हिताय की राजनीति है, जिसे कमजोर करने की लगातार साजिशें की जा रही हैं।

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय सरकार सत्ता के दुरुपयोग में लगी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि बसपा सरकार के कार्यकाल में कानून का राज स्थापित था और गरीबों, दलितों तथा कमजोर वर्गों को सम्मान और सुरक्षा मिली थी। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता को बसपा शासनकाल की उपलब्धियों से अवगत कराएं और यह बताएं कि कैसे उस समय विकास और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी गई थी।

बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का सकारात्मक और जिम्मेदार तरीके से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि झूठे प्रचार और अफवाहों का जवाब तथ्यों और संयम के साथ दिया जाना चाहिए। पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक सही रूप में पहुंचाना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि जनता ने एक बार फिर गलत नीतियों को समर्थन दिया, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं। इसलिए बसपा कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करना होगा।
मायावती ने अंत में कहा कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो बिना भेदभाव के सभी वर्गों के हितों की बात करती है। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि कार्यकर्ता ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे, तो आने वाले चुनाव में बसपा को जनता का पूरा समर्थन मिलेगा।
उन्होंने पार्टी नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन हित में काम करने की अपील की और कहा कि अनुशासन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। 2027 के चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी जाए, ताकि बसपा एक मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने आ सके।

