By: Vikash Kumar (Vicky)
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में एक बड़ा भाषण देते हुए कहा कि “आज उनका समय है, हमारा दौर भी आएगा।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने, लोकतंत्र की रक्षा करने और विपक्षी गठबंधन को सशक्त बनाने के लिए पार्टी को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति और सत्ता समीकरण NDA की ओर झुके हुए हैं, लेकिन RJD नेतृत्व अपनी भूमिका को फिर से मजबूत करने की संभावनाओं पर जोर दे रहा है।

“आज उनका समय है — हमारा दौर भी आएगा”
RJD कार्यालय में आयोजित समारोह में तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) का प्रभाव और सत्ता में पकड़ मजबूत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विपक्ष कमजोर है। उन्होंने एक भावुक संदेश में कहा:
“हम लोग कमजोर नहीं हैं, बस हमारा समय कमजोर है, लेकिन हमारा दौर अवश्य आएगा।” उनका यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने और विरोधियों को चुनौती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक माहौल और आरोप-प्रत्यारोप
तेजस्वी ने अपने संबोधन में सिर्फ़ भविष्य के ऐलानों का ही जिक्र नहीं किया, बल्कि NDA सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार की सत्ता में बैठे लोग विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और सत्ता पक्ष एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ़ राजनीतिक खेल और साजिशों के कारण बनी है और लोकतंत्र को खतरा है, जिससे सभी को सचेत रहने की आवश्यकता है। अन्य समाचारों के मुताबिक तेजस्वी ने कहा कि बिहार में “लोक (जनता) हारा है और तंत्र (सत्ता प्रणाली) जीता है।”

RJD का संगठन विस्तार और राजनीतिक रणनीति
तेजस्वी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि अब समय है संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का। उन्होंने कहा कि RJD को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करना और बूथ-स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करना उनकी प्राथमिकता है। इसके तहत उन्होंने होली के बाद पूरे बिहार का दौरा करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने की सलाह देने की घोषणा भी की है। उनका यह रणनीतिक प्लान बिहार की राजनीति में RJD को एक नया मंच देने का प्रयास माना जा रहा है।

सियासी पृष्ठभूमि और आगे की राह
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में महागठबंधन को भारी हार का सामना करना पड़ा और NDA ने स्पष्ट बढ़त हासिल की। NDA ने 202 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की जबकि महागठबंधन सिर्फ़ सीमित संख्या में ही सिमटा रहा। इस हार के बाद तेजस्वी यादव ने अपने पहले सामाजिक प्रतिक्रियाओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य नेताओं को बधाई दी, वहीं उन्होंने युवा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर जोर दिया।

विपक्षी गठबंधन में भूमिका और महागठबंधन
2025 के चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री फेस घोषित किया गया था, जिसमें कांग्रेस, VIP पार्टी और अन्य दल शामिल रहे। हालाँकि चुनाव परिणाम महागठबंधन के पक्ष में नहीं रहे, लेकिन तेजस्वी ने अपनी पार्टी की नेतृत्व क्षमता और मजबूत भूमिका को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया है।

तेजस्वी यादव का यह बयान सिर्फ़ एक राजनीतिक भाषण नहीं बल्कि RJD के पुनर्गठित संगठन और आगामी सियासी रणनीति का संकेत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में NDA का प्रभाव तो है, लेकिन RJD और इसके कार्यकर्ताओं को लगता है कि उनका समय भी आयेगा। ऐसे बयान सियासी समीकरण को बदलने की संभावनाओं को प्रदर्शित करते हैं और यह आगामी राजनीतिक घटनाओं पर असर डाल सकते हैं।
