By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। फेज-4 के तहत बनने वाला इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर अब मजेंटा लाइन का हिस्सा होगा। इस विस्तार के बाद मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक लगभग 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी। इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी कॉरिडोर बन जाएगी।

दिल्ली मेट्रो के इस नए विस्तार में कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 21 इंटरचेंज स्टेशन शामिल हैं। यह परियोजना न केवल दिल्ली बल्कि नोएडा और आसपास के इलाकों के यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगी। वर्तमान में मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी वेस्ट तक संचालित होती है। अब इंद्रलोक तक विस्तार होने से यह लाइन उत्तर, मध्य और दक्षिण दिल्ली को सीधे जोड़ देगी।

यात्रियों को होगा बड़ा फायदा
इस विस्तार के बाद यात्रियों को अलग-अलग लाइनों में बार-बार बदलने की आवश्यकता कम होगी। 21 इंटरचेंज स्टेशनों के माध्यम से ब्लू लाइन, येलो लाइन, रेड लाइन, ग्रीन लाइन और अन्य प्रमुख कॉरिडोर से सीधा कनेक्शन मिलेगा। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और भीड़भाड़ भी घटेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजेंटा लाइन का यह विस्तार दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। जिन इलाकों में पहले सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी नहीं थी, वहां अब बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।

फेज-4 परियोजना का महत्व
दिल्ली मेट्रो का फेज-4 विस्तार शहर के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस चरण में कई नए कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं और कुछ मौजूदा लाइनों का विस्तार किया जा रहा है। इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को मजेंटा लाइन में शामिल करना इसी योजना का हिस्सा है।

DMRC अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिनमें एस्केलेटर, लिफ्ट, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल सूचना प्रणाली और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था शामिल होगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

व्यापार और रोजगार पर प्रभाव
मेट्रो विस्तार से जिन क्षेत्रों में नए स्टेशन बनेंगे, वहां व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि और नए व्यावसायिक अवसरों के सृजन की संभावना है। छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

पर्यावरणीय लाभ
मेट्रो को पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन माना जाता है। 89 किलोमीटर लंबी मजेंटा लाइन के संचालन से हजारों वाहन सड़कों से कम होंगे, जिससे ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। दिल्ली जैसे प्रदूषण प्रभावित शहर के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यात्रा होगी और आसान
मजेंटा लाइन पहले ही एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और दक्षिण दिल्ली के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए जानी जाती है। अब इंद्रलोक तक विस्तार से उत्तर-पश्चिम दिल्ली के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। ऑफिस जाने वाले, छात्र, और दैनिक यात्रियों के लिए सफर अधिक सुविधाजनक होगा।
DMRC ने परियोजना को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि मौजूदा सेवाओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

राजधानी की लाइफलाइन बनेगी नई मजेंटा लाइन
दिल्ली मेट्रो पहले से ही राजधानी की लाइफलाइन मानी जाती है। रोजाना लाखों यात्री इसका उपयोग करते हैं। 89 किलोमीटर लंबी मजेंटा लाइन बनने के बाद यह नेटवर्क और भी सशक्त हो जाएगा। 65 स्टेशनों और 21 इंटरचेंज के साथ यह लाइन दिल्ली के परिवहन मानचित्र को नई दिशा देगी।
इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को मजेंटा लाइन में शामिल करने का निर्णय दिल्ली के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। आने वाले समय में यह कॉरिडोर राजधानी की ट्रैफिक समस्या को कम करने और सतत विकास को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
