By: Vikash Kumar (Vicky)
भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है। 1 मार्च से रेलवे की लोकप्रिय UTS (Unreserved Ticketing System) मोबाइल ऐप को बंद किया जा रहा है। अब यात्रियों को जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और अन्य अनारक्षित सेवाओं के लिए नई RailOne ऐप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवे का यह कदम डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करने और यात्रियों को बेहतर, तेज और सुविधाजनक अनुभव देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
UTS ऐप लंबे समय से उन यात्रियों के लिए उपयोगी रही है जो बिना रिजर्वेशन के यात्रा करते हैं। खासकर दैनिक यात्रियों, ऑफिस जाने वालों और छोटे रूट पर सफर करने वाले लोगों के लिए यह ऐप बेहद फायदेमंद थी। लेकिन अब रेलवे ने अपनी सभी डिजिटल सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला किया है, जिसके तहत RailOne ऐप को लॉन्च किया गया है।

क्या है RailOne ऐप?
RailOne एक नई और आधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसमें रेलवे की कई सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इस ऐप के जरिए यात्री न सिर्फ जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकेंगे, बल्कि ट्रेन से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा पाएंगे। रेलवे का दावा है कि यह ऐप पहले की तुलना में ज्यादा तेज, यूजर फ्रेंडली और सुरक्षित है।
RailOne ऐप का इंटरफेस काफी सरल रखा गया है, ताकि बुजुर्ग और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले यात्री भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। इसमें टिकट बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन की जानकारी, स्टेशन की जानकारी और भुगतान के कई विकल्प भी दिए गए हैं।

UTS ऐप क्यों की जा रही है बंद?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, UTS ऐप को बंद करने का मुख्य कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण है। अभी तक रेलवे की अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप्स मौजूद थे, जिससे यात्रियों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता था। RailOne के माध्यम से रेलवे एक सिंगल ऐप इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जहां सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
इसके अलावा, UTS ऐप का तकनीकी ढांचा पुराना हो चुका था, जिसे अपग्रेड करने के बजाय रेलवे ने नई तकनीक के साथ RailOne को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

RailOne ऐप में मिलेंगी ये सुविधाएं
जनरल (अनारक्षित) टिकट बुकिंग
प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग
स्टेशन और ट्रेन की जानकारी
डिजिटल पेमेंट के कई विकल्प
QR कोड आधारित टिकट वैरिफिकेशन
यूजर फ्रेंडली इंटरफेस
एकीकृत रेलवे सेवाएं

यात्रियों को क्या करना होगा?
जो यात्री अभी UTS ऐप का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें 1 मार्च से पहले RailOne ऐप डाउनलोड करनी होगी। UTS ऐप में मौजूद अकाउंट डिटेल्स और टिकट हिस्ट्री RailOne में ट्रांसफर की जा सकती है। रेलवे ने इसके लिए आसान माइग्रेशन प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई है।
RailOne ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। यात्री अपने मोबाइल नंबर और OTP के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत
दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण है। RailOne ऐप के जरिए अब टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा तेज होगी। खास बात यह है कि इस ऐप में टिकट बुक करने के बाद QR कोड मिलेगा, जिसे स्टेशन पर स्कैन कर आसानी से वैरिफाई किया जा सकेगा। इससे टिकट चेकिंग प्रक्रिया भी तेज होगी।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम
रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने से न सिर्फ यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि रेलवे के लिए भी डाटा मैनेजमेंट और सर्विस ऑप्टिमाइजेशन आसान हो जाएगा।

क्या UTS का बैलेंस और डेटा सुरक्षित रहेगा?
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि UTS ऐप में मौजूद यूजर डेटा, वॉलेट बैलेंस और टिकट हिस्ट्री RailOne ऐप में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर कर दी जाएगी। यात्रियों को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।

रेलवे की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते RailOne ऐप डाउनलोड कर लें और नई प्रणाली को अपनाएं, ताकि 1 मार्च के बाद उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

UTS ऐप का बंद होना एक युग के अंत जैसा जरूर लग सकता है, लेकिन RailOne ऐप यात्रियों के लिए और भी ज्यादा सुविधाएं लेकर आ रही है। यह बदलाव भारतीय रेलवे को एक आधुनिक, डिजिटल और यूजर फ्रेंडली प्रणाली की ओर ले जाएगा। यात्रियों को इस बदलाव को सकारात्मक रूप से अपनाना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में यही ऐप रेलवे सेवाओं का मुख्य माध्यम बनने जा रही है।

