By: Vikash Kumar (Vicky)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग इसे थकान, तनाव या नींद की कमी समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन यदि सिर में लगातार या बार-बार दर्द हो रहा है, तो यह सामान्य नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सिरदर्द शरीर के अंदर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में समय रहते कारण को समझना और सही इलाज कराना बेहद जरूरी है।

सिरदर्द के प्रकार और उनके संकेत
चिकित्सकों के अनुसार सिरदर्द कई प्रकार का होता है। माइग्रेन, टेंशन हेडेक, क्लस्टर हेडेक और साइनस से जुड़ा सिरदर्द सबसे आम प्रकार हैं। यदि दर्द एक ही तरफ धड़कन जैसा महसूस हो और उल्टी या रोशनी से परेशानी हो, तो यह माइग्रेन का लक्षण हो सकता है। वहीं पूरे सिर में दबाव जैसा दर्द टेंशन हेडेक की ओर इशारा करता है।

माइग्रेन हो सकता है बड़ी वजह
माइग्रेन में तेज धड़कन वाला दर्द कई घंटों या दिनों तक रह सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी, आंखों के सामने चमक दिखना या चक्कर आना भी शामिल हो सकता है। यदि महीने में कई बार ऐसा दर्द हो रहा है, तो न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर का संकेत
लगातार सिर के पीछे दर्द रहना उच्च रक्तचाप का संकेत हो सकता है। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर दिल और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है।
ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर स्थिति हालांकि यह कम मामलों में होता है, लेकिन लगातार बढ़ता हुआ सिरदर्द, जो दवाओं से भी ठीक न हो, ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। यदि दर्द के साथ कमजोरी, बोलने में दिक्कत, धुंधला दिखना या दौरे पड़ना जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

साइनस इंफेक्शन और एलर्जी
माथे और आंखों के आसपास भारीपन या दबाव महसूस होना साइनस की समस्या का लक्षण हो सकता है। मौसम बदलने पर या धूल से एलर्जी होने पर भी सिरदर्द बढ़ सकता है।

तनाव और नींद की कमी
लगातार मानसिक तनाव, मोबाइल या लैपटॉप का अधिक उपयोग और पर्याप्त नींद न लेना भी सिरदर्द का प्रमुख कारण है। काम के बीच छोटे ब्रेक लेना और 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
यदि सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, गर्दन अकड़ जाए, बुखार के साथ दर्द हो या चोट के बाद दर्द शुरू हो, तो इसे इमरजेंसी मानें। ऐसे मामलों में देरी खतरनाक हो सकती है।

बचाव के उपाय
स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग और ध्यान से सिरदर्द की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है। पानी की पर्याप्त मात्रा लेना और स्क्रीन टाइम कम करना भी फायदेमंद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। यदि सिरदर्द बार-बार हो रहा है, तो इसे सामान्य समझकर दवा लेने के बजाय सही जांच और उपचार कराना बेहतर है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

