आज 16 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। महाशिवरात्रि का पावन पर्व संपन्न होने के बाद आज व्रत का पारण किया जाएगा। जो श्रद्धालु रात्रि भर भगवान शिव की उपासना और जागरण करते हैं, उनके लिए पारण का सही समय जानना बेहद आवश्यक होता है। पंचांग के अनुसार आज का दिन शुभ योगों से युक्त है, जिससे पूजा-पाठ, दान-पुण्य और पारिवारिक मंगल कार्यों के लिए विशेष फलदायी समय बन रहा है।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, वार, नक्षत्र और योग का विशेष महत्व है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति मनुष्य के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। ऐसे में यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं या महाशिवरात्रि व्रत का पारण करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

आज की तिथि और वार
तिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (समापन के बाद अमावस्या प्रवेश)
वार: सोमवार
मास: फाल्गुन
संवत: 2082

नक्षत्र और योग
नक्षत्र: श्रवण (निर्धारित समय तक)
योग: सिद्धि योग
करण: शकुनि और चतुष्पद

महाशिवरात्रि व्रत पारण का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार व्रत का पारण प्रातःकाल स्नान और पूजा के बाद किया जाना शुभ माना गया है। सूर्योदय के बाद से पूर्वाह्न तक का समय पारण के लिए अनुकूल रहेगा। पारण करते समय भगवान शिव का स्मरण, जलाभिषेक और प्रसाद ग्रहण करना उत्तम फलदायक होता है।

आज के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करना विशेष पुण्य प्रदान करता है। साथ ही “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

अभिजीत मुहूर्त
दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा, जो किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। यदि आप व्यवसाय, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं तो इस समय का लाभ उठा सकते हैं।

राहुकाल
राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार राहुकाल का समय प्रातः निर्धारित अवधि में रहेगा, अतः इस समय विशेष सावधानी रखें।

आज का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि के अगले दिन पारण करने से व्रत पूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से व्रत और पारण करने पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

दान और पुण्य का महत्व
आज के दिन गरीबों को अन्न, वस्त्र, फल या दक्षिणा का दान करना अत्यंत शुभ फल देता है। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि शिव भक्ति के साथ किया गया दान कई गुना फल प्रदान करता है।
स्वास्थ्य और आध्यात्मिक सुझाव
व्रत के बाद पारण करते समय हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करें। अधिक तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें। ध्यान और प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत करने से मानसिक शांति बनी रहती है।
आज का पंचांग यह संकेत देता है कि धार्मिक आस्था और सही समय का संयोजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है। यदि आप श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ करते हैं, तो निश्चित ही इसका शुभ प्रभाव आपके जीवन पर दिखाई देगा।
यह पंचांग और मुहूर्त की जानकारी पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। स्थान और समय के अनुसार मुहूर्त में अंतर संभव है। किसी विशेष अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले स्थानीय पंडित या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
