By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आज से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ की भव्य शुरुआत होने जा रही है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम दिल्ली के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस समिट में देश-विदेश की अग्रणी टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, नीति-निर्माता, शोधकर्ता और युवा इनोवेटर्स भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर को भारत के युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले समय की सबसे परिवर्तनकारी तकनीक है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भारत मंडपम बना टेक्नोलॉजी हब
दिल्ली स्थित भारत मंडपम को इस समिट के लिए विशेष रूप से हाई-टेक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां एआई आधारित प्रोजेक्ट्स, मशीन लर्निंग मॉडल, रोबोटिक्स, हेल्थ टेक, एग्रीटेक, एजुकेशन टेक और स्मार्ट सिटी समाधानों से जुड़े सैकड़ों स्टॉल लगाए गए हैं। देशभर के स्टार्टअप्स को अपने इनोवेशन प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।

वैश्विक टेक दिग्गजों की भागीदारी
इस एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों और विशेषज्ञों की भागीदारी होने जा रही है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, निवेशक और टेक उद्योग के लीडर्स इस मंच पर एआई के भविष्य, डेटा सुरक्षा, नैतिकता और नवाचार पर चर्चा करेंगे। इससे भारत को वैश्विक एआई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त मिलने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समिट भारत के युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का सुनहरा अवसर है। देश में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंडिया अभियान ने एआई सेक्टर को नई गति दी है। सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया के तहत युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एआई से बदलती अर्थव्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। हेल्थकेयर, कृषि, शिक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं में एआई आधारित समाधान लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में एआई सेक्टर में लाखों नई नौकरियां सृजित होने की संभावना है।

नीतिगत चर्चा और निवेश के अवसर
समिट के दौरान कई उच्चस्तरीय पैनल डिस्कशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डेटा प्राइवेसी, एआई रेगुलेशन, साइबर सिक्योरिटी और एथिकल एआई जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित होंगे, जिससे नए निवेश और साझेदारी के अवसर खुलेंगे।

भारत की एआई रणनीति
भारत सरकार पहले ही राष्ट्रीय एआई मिशन और सेमीकंडक्टर नीति के जरिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। इस समिट को भारत की दीर्घकालिक एआई रणनीति के तहत एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के जरिए टेक्नोलॉजी पावरहाउस बनाना है।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि आयोजन सफल और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट न केवल भारत की तकनीकी प्रगति को दर्शाता है, बल्कि यह देश के युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों का द्वार भी खोलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एआई क्रांति की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। आने वाले वर्षों में यह समिट भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिला सकता है।

