By:Vikash kumar (vicky)
Neck Pain Warning Signs: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल तथा गलत बैठने की आदतों के कारण गर्दन के पीछे दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह दर्द लंबे समय तक बना रहे तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार लगातार रहने वाला गर्दन दर्द मांसपेशियों के खिंचाव से लेकर सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, नसों पर दबाव या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं तक का संकेत दे सकता है।
क्यों होता है गर्दन के पीछे दर्द
विशेषज्ञ बताते हैं कि घंटों झुककर मोबाइल चलाना, कंप्यूटर पर काम करना या गलत तकिए का इस्तेमाल करना गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे मसल स्ट्रेन, अकड़न और सूजन हो सकती है। इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ सर्वाइकल डिस्क में घिसाव भी दर्द का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में तनाव और चिंता भी मांसपेशियों को जकड़ देती है, जिससे पीछे की तरफ दर्द महसूस होता है।

कब हो सकता है यह गंभीर
अगर दर्द कई हफ्तों से बना हुआ है, हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है, सिरदर्द बढ़ रहा है या चक्कर आ रहे हैं तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह नसों के दबाव या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का संकेत हो सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में संक्रमण या ट्यूमर जैसी स्थितियां भी गर्दन दर्द के रूप में सामने आ सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार दर्द होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय ऑर्थोपेडिक या न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, एमआरआई या अन्य जांच कराई जा सकती है। शुरुआती अवस्था में फिजियोथेरेपी, हल्की एक्सरसाइज और सही पॉश्चर अपनाने से राहत मिल सकती है।

रोजमर्रा की आदतों में सुधार जरूरी
काम करते समय स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें, हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक लें और गर्दन को हल्के व्यायाम से रिलैक्स करें। सोते समय बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया इस्तेमाल न करें। नियमित योग और स्ट्रेचिंग से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और दर्द की संभावना कम होती है।
तनाव भी बन सकता है कारण
मानसिक तनाव से भी गर्दन और कंधों की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। इसलिए ध्यान, प्राणायाम और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। लगातार पांच से छह घंटे से कम नींद लेने से शरीर की रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे दर्द बढ़ सकता है।

कब तुरंत दिखाएं डॉक्टर को
अगर दर्द के साथ बुखार, अचानक वजन कम होना, गर्दन में सूजन या चोट का इतिहास हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। दुर्घटना के बाद होने वाला दर्द भी गंभीर हो सकता है।

गर्दन के पीछे लंबे समय से हो रहा दर्द शरीर का संकेत हो सकता है कि उसे देखभाल की जरूरत है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और सही उपचार अपनाना बेहतर है। सही जीवनशैली और नियमित व्यायाम से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार के दर्द या स्वास्थ्य समस्या के लिए स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।


