By: Vikash Kumar (Vicky)
आजकल महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पीसीओडी, थायराइड और आयरन डिफिशिएंसी जैसी दिक्कतें केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और प्रजनन स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही इलाज के साथ-साथ कुछ सामान्य लेकिन गंभीर गलतियों से बचना बेहद जरूरी है, वरना स्थिति और जटिल हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन समस्याओं में किन बातों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पीसीओडी में ये लापरवाहियां बढ़ा सकती हैं समस्या
पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक हार्मोनल डिसऑर्डर है, जो अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल आना और मुंहासों जैसी समस्याएं पैदा करता है। एक्सपर्ट के अनुसार सबसे बड़ी गलती है लक्षणों को नजरअंदाज करना। कई महिलाएं अनियमित मासिक धर्म को सामान्य समझकर इलाज टाल देती हैं, जिससे आगे चलकर बांझपन और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

दूसरी बड़ी गलती है बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोनल दवाइयां लेना या इंटरनेट पर बताए गए घरेलू नुस्खों पर पूरी तरह निर्भर रहना। इसके अलावा जंक फूड, अधिक शुगर और फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी पीसीओडी को गंभीर बना सकती है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को नजरअंदाज करना स्थिति को बिगाड़ सकता है।
थायराइड में दवा और डाइट से जुड़ी गलतियां
थायराइड एक ऐसी स्थिति है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। हाइपोथायराइड या हाइपरथायराइड दोनों ही स्थितियां गंभीर हो सकती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि थायराइड की दवा को समय पर न लेना सबसे बड़ी गलती है। कई महिलाएं लक्षण कम होते ही दवा बंद कर देती हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन फिर बिगड़ सकता है।

थायराइड में आयोडीन, सोया प्रोडक्ट्स और अत्यधिक जंक फूड का सेवन बिना विशेषज्ञ की सलाह के करना भी नुकसानदायक हो सकता है। नियमित जांच न कराना और वजन बढ़ने या घटने को सामान्य समझ लेना भी गंभीर परिणाम दे सकता है। तनाव और नींद की कमी भी थायराइड को प्रभावित करती है, इसलिए लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी है।
आयरन डिफिशिएंसी में अनदेखी बन सकती है खतरा
आयरन की कमी महिलाओं में बहुत आम है, खासकर प्रजनन आयु की महिलाओं में। थकान, चक्कर आना, बाल झड़ना और त्वचा का पीला पड़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं। एक्सपर्ट के अनुसार आयरन की कमी को मामूली कमजोरी समझना सबसे बड़ी भूल है। लंबे समय तक एनीमिया रहने से हृदय पर भी असर पड़ सकता है।

आयरन सप्लीमेंट को खाली पेट या गलत तरीके से लेना, साथ में चाय-कॉफी का सेवन करना इसके अवशोषण को कम कर देता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, गुड़ और अनार जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल न करना भी समस्या बढ़ा सकता है। नियमित ब्लड टेस्ट कराना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना जरूरी है।

लाइफस्टाइल से जुड़ी आम गलतियां
तीनों ही स्थितियों में एक बड़ी समान गलती है असंतुलित जीवनशैली। देर रात तक जागना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन और मानसिक तनाव इन बीमारियों को और गंभीर बना सकता है। एक्सपर्ट का सुझाव है कि संतुलित आहार, नियमित योग और पर्याप्त नींद को प्राथमिकता दें।

महिलाओं को चाहिए कि वे अपने शरीर के संकेतों को समझें और समय पर जांच कराएं। स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य डॉक्टर या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी दवा, उपचार या डाइट प्लान को अपनाने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

