By: Vikash Kumar (Vicky)
अयोध्या। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (IIM लखनऊ) की हालिया केस स्टडी में खुलासा हुआ है कि मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद शहर में धार्मिक पर्यटन के चलते व्यापार, रोजगार और निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

केस स्टडी के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस भारी संख्या ने होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, परिवहन, रेस्टोरेंट, स्थानीय बाजार और छोटे कारोबारियों के लिए आय के नए अवसर पैदा किए हैं। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि अयोध्या अब देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।
होटल और आतिथ्य क्षेत्र में रिकॉर्ड बुकिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या के होटल उद्योग में 70 से 100 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी देखी जा रही है। कई नए होटल और होमस्टे प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं। स्थानीय लोगों ने अपने घरों को गेस्ट हाउस में तब्दील कर अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित किया है। आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे युवाओं को अपने ही शहर में काम मिलने लगा है।

परिवहन और स्थानीय सेवाओं को मिला लाभ
रेल, बस और निजी टैक्सी सेवाओं की मांग में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है। शहर में ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सी चालकों की आमदनी पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। अध्ययन में बताया गया है कि परिवहन क्षेत्र में औसतन 30-40 प्रतिशत तक आय में इजाफा हुआ है। इसके अलावा टूर गाइड, फूल-माला विक्रेता, प्रसाद विक्रेता और धार्मिक सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को भी सीधा लाभ मिला है।

छोटे कारोबारियों के लिए सुनहरा अवसर
IIM लखनऊ की केस स्टडी में यह भी उल्लेख है कि स्थानीय हस्तशिल्प, प्रसाद उद्योग, मिठाई दुकानों और स्मृति चिन्ह बेचने वाले व्यापारियों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर बिक्री कई गुना तक बढ़ जाती है। इससे शहर की नकदी प्रवाह व्यवस्था मजबूत हुई है।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिली गति
अध्ययन में बताया गया है कि राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण, नई पार्किंग व्यवस्था और स्मार्ट सिटी सुविधाओं के विकास ने भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

निवेश और रियल एस्टेट में उछाल
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी देखी गई है। जमीन और संपत्तियों के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बाहरी निवेशकों की रुचि बढ़ी है और कई बड़े होटल चेन व कॉरपोरेट समूह अयोध्या में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं। IIM लखनऊ के अध्ययन के मुताबिक, आने वाले वर्षों में यह ट्रेंड और मजबूत होने की संभावना है।

रोजगार सृजन और सामाजिक प्रभाव
केस स्टडी के अनुसार, धार्मिक पर्यटन के कारण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित हुए हैं। स्थानीय युवाओं को गाइड, होटल स्टाफ, सुरक्षा कर्मी, ड्राइवर और सेवा क्षेत्र में काम मिल रहा है। महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है, खासकर होमस्टे और फूड सर्विस सेक्टर में।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या में बढ़ता धार्मिक पर्यटन उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है। टैक्स कलेक्शन, व्यापारिक गतिविधियों और निवेश के जरिए राज्य सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है। इससे क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।

भविष्य की संभावनाएं
IIM लखनऊ की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि यदि पर्यटन प्रबंधन, स्वच्छता, ट्रैफिक नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, तो अयोध्या आने वाले वर्षों में वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान बना सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुनियोजित विकास के जरिए यह मॉडल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसने अयोध्या की आर्थिक संरचना को नई दिशा दी है। बढ़ते श्रद्धालु आगमन ने शहर को व्यापार, रोजगार और निवेश के नए युग में प्रवेश करा दिया है।

