By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर, झारखंड: देश के प्रसिद्ध उद्योगपति एवं अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी रविवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर देश एवं झारखंड की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

धार्मिक आस्था के साथ देवघर पहुंचे उद्योगपति
रविवार सुबह गौतम अडानी देवघर पहुंचे, जहां मंदिर प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। मंदिर के प्रशासनिक भवन में सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा संकल्प कराया गया। धार्मिक विधि-विधान पूरा होने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंदिर के गर्भगृह तक ले जाया गया। गर्भगृह में प्रवेश करने के पश्चात उन्होंने भगवान भोलेनाथ का जलार्पण किया और पूजा-अर्चना संपन्न की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उत्सुकता देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर मौजूद रहे और उद्योगपति की एक झलक पाने का प्रयास करते नजर आए।

“बाबा का बुलावा आया तो देवघर चला आया”
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि काफी समय से उनकी इच्छा थी कि वे बाबा बैद्यनाथ धाम आकर पूजा करें। उन्होंने कहा, “काफी दिनों से मन में इच्छा थी कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर आऊं। आज बाबा का बुलावा आया और मुझे यहां आने का अवसर मिला। भगवान भोलेनाथ से पूरे देश और झारखंड की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की है।”
उन्होंने देवघर को आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें विशेष सकारात्मक अनुभव हुआ।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
उद्योगपति के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया था ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। वीआईपी मूवमेंट के बावजूद आम श्रद्धालुओं के दर्शन व्यवस्था को भी संतुलित बनाए रखने का प्रयास किया गया।

धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण दौरा
गौतम अडानी का यह दौरा देवघर के धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन और भादो महीने में यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश के बड़े उद्योगपतियों और सार्वजनिक हस्तियों के दौरे से धार्मिक स्थलों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होती है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
मंदिर प्रशासन ने जताया आभार
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि पूजा पूरी तरह परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख हस्तियों का बाबा धाम आगमन इस पवित्र स्थल की महत्ता को दर्शाता है।
मंदिर के पुरोहितों ने भी उद्योगपति को आशीर्वाद दिया और उनके सफल जीवन एवं राष्ट्र की उन्नति की कामना की।
स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल
गौतम अडानी के आगमन की खबर मिलते ही स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई लोगों ने इसे देवघर के लिए गौरव का क्षण बताया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऐसे दौरों से शहर की पहचान देशभर में और मजबूत होती है।

देवघर की बढ़ती पहचान
पिछले कुछ वर्षों में देवघर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ शहर बनकर सामने आया है। एयरपोर्ट, सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी बेहतर होने के बाद यहां देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार बढ़ा है। बड़े उद्योगपतियों और राष्ट्रीय हस्तियों की मौजूदगी देवघर को आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत बना रही है।
आध्यात्मिक संदेश के साथ समाप्त हुआ दौरा
पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी मंदिर परिसर से रवाना हो गए। उनका यह दौरा पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रहा। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से देश में शांति, विकास और समृद्धि की कामना करते हुए सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की।
देवघर में उनका आगमन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि शहर की राष्ट्रीय पहचान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

