By: Vikash Kumar (Vicky)
दुमका ,झारखंड के दुमका शहर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए, जब सुबह-सुबह बाइक सवार बदमाशों ने संथाल परगना मजदूर मोटर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में सनसनी फैला दी। घटना नगर थाना क्षेत्र स्थित डीआईजी कार्यालय के समीप हुई, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी की घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।

सुबह की सैर बनी जानलेवा घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अरुण सिंह अपने दैनिक कार्य के सिलसिले में डीआईजी कार्यालय के पास मौजूद थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास मौजूद लोग घबरा गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और गोली चलाने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए। घटना इतनी तेजी से हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, आसनसोल रेफर
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अरुण सिंह को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अरुण सिंह को कई गोलियां लगी हैं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

पुलिस अधीक्षक पहुंचे घटनास्थल, जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही दुमका पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार स्वयं दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हमलावरों की पहचान के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अपराधियों ने पहले से रेकी कर घटना को अंजाम दिया हो सकता है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ भी कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हमला व्यक्तिगत रंजिश, संगठनात्मक विवाद या किसी अन्य आपराधिक कारण से जुड़ा है या नहीं।

शहर में बढ़ती अपराध की घटनाओं से लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद दुमका शहर के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों और मजदूर संगठनों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्यालय के पास इस तरह की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है।
मजदूर मोटर संघ से जुड़े लोगों ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज
अरुण सिंह क्षेत्र के सक्रिय सामाजिक और संगठनात्मक चेहरों में गिने जाते हैं। उनके ऊपर हुए हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई स्थानीय नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था पर असर डालती हैं बल्कि आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना भी पैदा करती हैं।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना है। घटना स्थल से मिले साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, घटना ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के मन से कानून का डर कम होता जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
डीआईजी कार्यालय के समीप हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासनिक क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। लोगों ने शहर में पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी, गिरफ्तारी का इंतजार
फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद ही हमले के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी। पूरे दुमका जिले की नजर अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

