By: Vikash Kumar (Vicky)
भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खचंद्र सिंह का स्टेज 4 लिवर कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। इस दुखद खबर के बाद खेल जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, खचंद्र सिंह पिछले काफी समय से लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। बीमारी का पता अंतिम चरण यानी स्टेज 4 में चला था, जिसके बाद उनका इलाज लगातार चल रहा था। परिवार ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन आखिरकार उन्होंने जिंदगी की जंग हार दी।

रिंकू सिंह ने अपने करियर की शुरुआत बेहद साधारण पृष्ठभूमि से की थी। उनके पिता खचंद्र सिंह ने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए कड़ी मेहनत की। वे गैस सिलेंडर वितरण का काम करते थे और सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को कभी टूटने नहीं दिया। रिंकू कई इंटरव्यू में यह कह चुके हैं कि उनके पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद उन्हें क्रिकेट खेलने से कभी नहीं रोका।
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का त्याग और संघर्ष अहम भूमिका में रहा। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और फिर टीम इंडिया तक का सफर तय करने में परिवार का साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। हाल के वर्षों में रिंकू सिंह ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में अलग पहचान बनाई है।

खचंद्र सिंह के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। क्रिकेट प्रशंसकों, खेल विशेषज्ञों और कई खिलाड़ियों ने संवेदना व्यक्त की है। सभी ने इस कठिन समय में रिंकू सिंह और उनके परिवार को हिम्मत देने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार उनके पैतृक स्थान पर पूरे रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा। परिवार इस समय गहरे सदमे में है और करीबी रिश्तेदार व मित्र उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

स्टेज 4 लिवर कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी मानी जाती है। इस अवस्था में कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुका होता है, जिससे इलाज जटिल हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को शुरुआती चरण में नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन अंतिम स्टेज में मरीज की हालत गंभीर हो जाती है।

रिंकू सिंह फिलहाल अपने परिवार के साथ हैं और इस कठिन समय में क्रिकेट से दूर रह सकते हैं। हालांकि अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह दुखद घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खेल के मैदान पर दिखने वाली सफलता के पीछे खिलाड़ियों और उनके परिवारों का संघर्ष छिपा होता है। रिंकू सिंह की कहानी भी उसी संघर्ष और त्याग की मिसाल है, जिसमें उनके पिता की भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी।

देशभर के क्रिकेट प्रेमी इस कठिन घड़ी में रिंकू सिंह के साथ खड़े हैं। सभी की यही प्रार्थना है कि भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।

