By:vikash kumar (vicky)

Health News: कई लोगों को अक्सर पैरों, खासकर टखनों के आसपास सूजन की समस्या हो जाती है। आमतौर पर इसे थकान, लंबे समय तक खड़े रहने या उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन यदि पैरों की सूजन लंबे समय तक बनी रहती है या सूजन वाले हिस्से पर उंगली दबाने के बाद गड्ढा बन जाता है और कुछ समय तक बना रहता है, तो यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति को पिटिंग एडिमा कहा जाता है। यह अक्सर शरीर में तरल पदार्थ के जमा होने के कारण होता है और कई मामलों में यह दिल से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक पैरों में सूजन बने रहना कंजेस्टिव हार्ट फेलियर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

दिल के रोगियों में पैरों में सूजन इसलिए भी देखने को मिलती है क्योंकि जब दिल ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इससे पैरों, टखनों और कभी-कभी पिंडलियों में सूजन दिखाई देने लगती है। आइए जानते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण और इससे बचाव के उपाय।
दिल के मरीजों के पैरों में सूजन होने के 6 प्रमुख कारण

1. दिल की कमजोरी या हार्ट फेलियर
जब दिल शरीर में रक्त को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता, तो रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे शरीर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों और टखनों में सूजन आ सकती है।
2. शरीर में तरल पदार्थ का जमा होना
दिल की बीमारी में शरीर में फ्लूइड रिटेंशन यानी तरल पदार्थ जमा होने की समस्या हो सकती है। यह तरल पदार्थ पैरों में इकट्ठा होकर सूजन पैदा कर सकता है।

3. रक्त संचार में कमी
दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण रक्त का प्रवाह सामान्य नहीं रह पाता। इससे पैरों की नसों में दबाव बढ़ सकता है और सूजन की समस्या पैदा हो सकती है।
4. किडनी की समस्या
कई बार दिल की बीमारी के साथ किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में सूजन दिखाई देने लगती है।

5. ज्यादा नमक का सेवन
ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है। यह स्थिति दिल के मरीजों में पैरों की सूजन को और ज्यादा बढ़ा सकती है।
6. लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक ही जगह बैठा या खड़ा रहता है, तो रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे भी पैरों में सूजन की समस्या बढ़ सकती है।
पैरों की सूजन से बचाव के उपाय
नमक का सेवन कम करें
दिल के मरीजों को अपने खानपान में नमक की मात्रा
सीमित रखनी चाहिए, ताकि शरीर में अतिरिक्त पानी जमा न हो।
नियमित हल्की एक्सरसाइज करें
डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक या
एक्सरसाइज करने से रक्त संचार बेहतर रहता है और सूजन कम हो सकती है।
पैरों को ऊपर उठाकर आराम करें
दिन में कुछ समय पैरों को तकिए पर रखकर ऊंचा करके आराम करने से पैरों में जमा तरल पदार्थ कम हो सकता है।
संतुलित आहार लें
फल, सब्जियां और पौष्टिक आहार का सेवन दिल और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
अगर पैरों में सूजन लगातार बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि किसी गंभीर बीमारी का समय रहते पता चल सके।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
अगर पैरों की सूजन कई दिनों तक बनी रहती है, सांस लेने में तकलीफ होती है, थकान बढ़ जाती है या वजन अचानक बढ़ने लगता है, तो यह दिल की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी होता है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण के मामले में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
