By:vikash kumar (vicky)

19 मार्च 2026, गुरुवार का दिन हिंदू धर्म के अनुसार बेहद शुभ माना जा रहा है, क्योंकि आज से चैत्र नवरात्र की पवित्र शुरुआत हो रही है। नवरात्र का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से घटस्थापना करने का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष गणना के अनुसार आज कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें पूजा-पाठ और नए कार्य की शुरुआत करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

पंचांग के अनुसार आज की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का विशेष महत्व है। सही मुहूर्त में की गई पूजा से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग और घटस्थापना का सही समय।
आज की तिथि
आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यह तिथि नवरात्र प्रारंभ करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रतिपदा तिथि में घटस्थापना करने से पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

आज का वार
आज गुरुवार है, जो भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है। गुरुवार के दिन पूजा करने से ज्ञान, धन और सुख की प्राप्ति होती है।
आज का नक्षत्र
आज का नक्षत्र शुभ माना जा रहा है और इस नक्षत्र में की गई पूजा और साधना जल्दी फल देती है। नवरात्र की शुरुआत इस नक्षत्र में होना अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है।

आज का योग
आज शुभ योग का निर्माण हो रहा है, जिससे धार्मिक कार्य, पूजा, हवन, जप और नए कार्य शुरू करना लाभदायक रहेगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष के अनुसार आज घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह का समय माना जा रहा है। इस समय विधि-विधान से कलश स्थापना करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
घटस्थापना का शुभ समय – सुबह 06:15 से 08:32 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:05 से 12:52 तक
घटस्थापना का महत्व

नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना करने का अर्थ है मां दुर्गा को घर में आमंत्रित करना। कलश को भगवान गणेश और देवी दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। सही मुहूर्त में स्थापना करने से पूरे वर्ष शुभ फल मिलता है।

आज के शुभ और अशुभ समय
राहुकाल – दोपहर 01:30 से 03:00 तक
यमगंड – सुबह 06:00 से 07:30 तक
गुलिक काल – सुबह 09:00 से 10:30 तक
आज का दिन धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, व्रत और नए काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

यह पंचांग और मुहूर्त ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण पूजा या कार्य से पहले स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
