By:vikash kumar (vicky)

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर आज से चैती नवरात्र की शुरुआत हो गई है। इसी दिन हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाता है, जिसके चलते धार्मिक नगरी देवघर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। दूर-दराज से आए भक्त कतारबद्ध होकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

सुबह की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होता गया। मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सके। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

मंदिर के पुरोहित लंबोदर बाबा ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है और यह दिन सृष्टि के सृजन से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जहां पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में लोग 1 जनवरी को नववर्ष मनाते हैं, वहीं सनातन परंपरा के अनुसार असली नववर्ष आज ही के दिन मनाया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से पूरे वर्ष सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आज के दिन बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं और पूरे वर्ष के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं।

चैती नवरात्र के अवसर पर मंदिर में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना भी की जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां शक्ति के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है। भक्त उपवास रखकर और विधि-विधान से पूजा कर देवी मां को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल पूरी तरह से चरम पर है। हर ओर “जय माता दी” और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है। श्रद्धालु फूल, बेलपत्र, दूध और जल चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। वहीं महिलाएं और युवा भक्त विशेष रूप से मां दुर्गा की पूजा में लीन नजर आ रहे हैं।

देवघर आने वाले श्रद्धालुओं में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए भक्त भी शामिल हैं। कई श्रद्धालु तो सुबह-सुबह लंबी दूरी तय कर मंदिर पहुंचे और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई।
प्रशासन की ओर से भी चैती नवरात्र और हिंदू नववर्ष को लेकर विशेष तैयारी की गई है। साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय दुकानदारों में भी इस मौके पर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। फूल, प्रसाद, पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। इससे स्थानीय व्यापारियों को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है, जो मां दुर्गा के आगमन का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को एकजुट करता है।
कुल मिलाकर, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर देवघर में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और बाबा बैद्यनाथ तथा मां दुर्गा से अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
