By: Vikash kuamr (Vicky)

आज 21 मार्च 2026 का पंचांग हिंदू धर्म के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र नवरात्र का तीसरा दिन है और मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। इसके साथ ही आज गणगौर पूजा और मत्स्य जयंती का पावन संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग देखना आवश्यक होता है, क्योंकि तिथि, वार, नक्षत्र और योग का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ समय और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

आज की तिथि
आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। यह तिथि देवी पूजा, व्रत और शुभ कार्यों के लिए उत्तम मानी जाती है। नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस, शक्ति और सफलता की प्राप्ति होती है।
आज का वार
आज शनिवार का दिन है। शनिवार का संबंध भगवान शनि देव से माना जाता है। इस दिन शनि देव की पूजा करने से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

आज का नक्षत्र
आज का नक्षत्र अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जो नए काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
आज का योग
आज का योग शुभ फल देने वाला माना गया है। पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक कार्यों के लिए आज का दिन अच्छा है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय सुबह 6 बजकर 24 मिनट से होगा।
सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा।
चंद्रोदय और चन्द्रास्त का समय
चंद्रोदय सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर होगा।
चन्द्रास्त रात 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

आज का धार्मिक महत्व
आज गणगौर पूजा का विशेष महत्व है, खासकर सुहागिन महिलाएं इस दिन माता गौरी की पूजा करती हैं और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। इसके साथ ही आज मत्स्य जयंती भी मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ी है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

नवरात्र का तीसरा दिन
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां का यह रूप साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भय, दुख और नकारात्मकता दूर होती है।

यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। तिथि और समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
