By: *Vikash Mala Mandal*
रांची। आगामी रामनवमी पर्व को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। विधि-व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने वरीय पदाधिकारियों के साथ शहरी क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने शहर के विभिन्न प्रमुख मंदिरों, जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थानों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है।

मंदिरों और जुलूस मार्गों का किया निरीक्षण
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने निरीक्षण के दौरान तपोवन मंदिर, महावीर चौक, मेडिकल चौक मंदिर, डोरंडा क्षेत्र, रातू रोड, पंडरा और अन्य प्रमुख स्थानों का दौरा किया। उन्होंने जुलूस मार्गों की स्थिति, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जुलूस मार्गों पर किसी भी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए पहले से ही साफ-सफाई और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बिजली, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। इसके साथ ही सभी प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस बलों की तैनाती के साथ-साथ मजिस्ट्रेट की भी प्रतिनियुक्ति की गई है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों और सामाजिक संगठनों की रही मौजूदगी
इस निरीक्षण अभियान में पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, यातायात पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी राजेश्वर नाथ आलोक सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस दौरान उपस्थित रहे। डोरंडा महावीर मंडल के पूर्व अध्यक्ष आलोक दुबे, सर्वधर्म सद्भावना समिति के सदस्य जय सिंह यादव, सागर कुमार तथा सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के सदस्य मो. अशरफ, मो. मुनीर, पप्पू गद्दी और नसीम गद्दी ने प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

अखाड़ों और जुलूस व्यवस्थाओं की समीक्षा
उपायुक्त ने शहर के विभिन्न महावीरी अखाड़ों के जुलूस मार्गों और उनकी तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अखाड़ा समितियों से समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया और कहा कि प्रशासन और समिति के बीच बेहतर तालमेल से ही पर्व का सफल आयोजन संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि रामनवमी का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

प्रशासन की रणनीति: सुरक्षा और सुविधा दोनों पर फोकस
रांची जिला प्रशासन इस बार रामनवमी को लेकर दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है—एक ओर जहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कुल मिलाकर, रांची में रामनवमी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उपायुक्त के नेतृत्व में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

