By: Vikash Mala Mandal
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज राम भक्तों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक दिन है। रामलला के तीसरे जन्मोत्सव के अवसर पर पूरे शहर में भव्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से अयोध्या पहुंचे हैं और राम मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं।

इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण ‘सूर्य तिलक’ है, जो राम नवमी के दिन दोपहर के समय विशेष तकनीक के माध्यम से किया जाएगा। बताया जा रहा है कि ठीक मध्याह्न में सूर्य की किरणें सीधे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगी और लगभग 5 मिनट तक भगवान श्रीराम के ललाट पर तिलक के रूप में चमकेंगी। यह दृश्य न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि विज्ञान और आस्था का अद्भुत संगम भी माना जा रहा है।

मंदिर प्रशासन और वैज्ञानिकों की टीम ने मिलकर इस सूर्य तिलक की व्यवस्था को सफल बनाने के लिए विशेष उपकरणों और दर्पणों का उपयोग किया है, जिससे सूर्य की किरणें एक निश्चित कोण पर गर्भगृह तक पहुंच सकें। यह आयोजन पिछले वर्ष भी किया गया था, लेकिन इस बार इसे और अधिक सटीक और भव्य बनाने की तैयारी की गई है।
रामलला के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भव्य झांकियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज रहा है।

प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चिकित्सा और जलपान की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार राम नवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिसे पूरे देश में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। अयोध्या में इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि यह भगवान राम की जन्मभूमि है।

इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर अयोध्या को आस्था और भक्ति के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। सूर्य तिलक का यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए जीवन भर यादगार रहने वाला है।

यह लेख इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर अयोध्या को आस्था और भक्ति के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। सूर्य तिलक का यह अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं के लिए जीवन भर यादगार रहने वाला है।

