By: Vikash Mala Mandal
31 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और गांदा योग का संयोग बन रहा है, जो दिन को खास बनाता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर रहा है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।

आज का दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि कुछ समय ऐसे भी हैं जिनमें सावधानी बरतना जरूरी है।

आज की तिथि और नक्षत्र
आज चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि का विशेष महत्व भगवान शिव की आराधना में माना जाता है। पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र का संयोग जीवन में सुख और समृद्धि के संकेत देता है।
आज का योग
आज गांदा योग बन रहा है। यह योग मिश्रित फल देने वाला माना जाता है, इसलिए किसी भी कार्य को सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा।

चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा आज सिंह राशि में स्थित है, जो साहस, आत्मबल और सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला होता है।
आज का शुभ मुहूर्त – 31 मार्च 2026
अभिजीत मुहूर्त – 11:54 − 12:43
यह समय दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

चंद्रमा और सूर्य का समय – 31 मार्च 2026
सूर्योदय का समय – 06:11
सूर्यास्त का समय – 18:25
चन्द्रोदय – 17:03
चन्द्रास्त – 04:53
आज का अशुभ मुहूर्त – 31 मार्च 2026
गुलिक काल – 12:18 − 13:50
यमगण्ड – 09:15 − 10:46
राहुकाल – 15:21 − 16:53
इन अशुभ समयों में नए कार्य, निवेश या यात्रा करने से बचना चाहिए।

आज का महत्व
चैत्र मास की त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम मानी जाती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

क्या करें और क्या न करें
आज के दिन सकारात्मक सोच बनाए रखें और धार्मिक कार्यों में हिस्सा लें। जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ रहेगा। वहीं अशुभ मुहूर्त में कोई नया काम शुरू करने से बचें और जल्दबाजी में निर्णय न लें।
यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। स्थान और समय के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

