By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर | झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना, देवघर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई, जिसमें साइबर अपराध के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, बीते दिनों से साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि पुलिस ने जांच की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड और करीब 9,700 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ये सभी सामान साइबर अपराध में उपयोग किए जा रहे थे।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी एटीएम कार्ड की सप्लाई और बैंक खातों से अवैध निकासी करने जैसे कार्यों में शामिल थे। इसके अलावा, वे ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर अपने सहयोगियों तक पहुंचाते थे। इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बना रहा था। आरोपी लोगों को फोन कॉल, मैसेज और फर्जी लिंक के माध्यम से बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे और फिर उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे।
इस कार्रवाई में साइबर थाना की टीम के साथ-साथ अन्य पुलिसकर्मियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

देवघर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर अपराधी अक्सर लोगों को झांसा देकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की गतिविधि का संदेह होता है, तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करे।

साइबर अपराध के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है और लगातार ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि देवघर पुलिस साइबर अपराध को लेकर गंभीर है और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है। लोग जितने सतर्क रहेंगे, उतना ही इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

