By: Vikash, Mala Mandal
दो दिवसीय महाधिवेशन में देशभर से जुटे प्रतिनिधि, विचार मंथन में उभरे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव; डॉक्टर राजीव रंजन की सक्रिय भागीदारी
जबलपुर (मध्य प्रदेश), 05 अप्रैल 2026: अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित 46वां राष्ट्रीय महाधिवेशन रविवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित डॉ. वीरेंद्र गार्डन (बायपास चौराहा) में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला पदाधिकारियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाधिवेशन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता को सुदृढ़ करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। उद्घाटन सत्र में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में संगठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

महाधिवेशन के पहले दिन आयोजित “युवक-युवती परिचय सम्मेलन” ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया, जहां समाज के युवाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया।
दूसरे दिन आयोजित उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है और उन्हें हर क्षेत्र में 50 प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

महाधिवेशन के दौरान आयोजित “विचार मंथन” सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें महिलाओं की आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षा प्रणाली में नैतिक शिक्षा का समावेश, दहेज प्रथा का उन्मूलन, नशा मुक्त समाज का निर्माण और युवाओं के करियर मार्गदर्शन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव जरूरी है।

इस दौरान डॉक्टर राजीव रंजन ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न सत्रों में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने समाज के युवाओं को संगठित होकर आगे बढ़ने और शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनने का संदेश दिया। उनके विचारों को उपस्थित लोगों ने सराहा और युवाओं ने उनसे प्रेरणा ली।
महाधिवेशन में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। महिला प्रतिनिधियों ने समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक निर्णयों में समान अवसर मिलना चाहिए। इसके अलावा महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची और नशाखोरी के खिलाफ भी आवाज उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि इन कुरीतियों को समाप्त किए बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इसके लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
समापन सत्र में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और समाज के विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।

आयोजन के अंत में महासभा के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस महाधिवेशन से निकले विचार और सुझाव समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संगठित प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। महाधिवेशन में लिए गए संकल्प आने वाले समय में समाज के लिए नई दिशा तय करेंगे।

