By: Vikash, Mala Mandal
आज का महत्व और विशेष संयोग
16 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है और दिन गुरुवार है, जो देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रेवती नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे आज का दिन और भी अधिक शुभ और फलदायी हो गया है। ऐसे शुभ योग में किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक रहती है।

चंद्रमा की स्थिति और ज्योतिषीय प्रभाव
आज चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेंगे, जिससे भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ेगा। रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध ग्रह होता है, जो बुद्धि और संचार का प्रतीक है। इसलिए आज के दिन योजनाएं बनाना, विचार साझा करना और नई शुरुआत करना लाभकारी रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण निवेश, यात्रा और पूजा-पाठ के लिए भी दिन शुभ है।

तिथि और पूजा का महत्व
तिथि के अनुसार आज चतुर्दशी का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का भी विशेष महत्व है। आज के दिन व्रत, दान और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आज का शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त – 11:55 ए एम से 12:46 पी एम तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त – 04:25 ए एम से 05:10 ए एम तक रहेगा, जो साधना और पूजा के लिए सबसे पवित्र समय है।
गोधूलि मुहूर्त – 06:46 पी एम से 07:08 पी एम तक रहेगा, जो संध्या पूजा के लिए शुभ है।

आज का अशुभ समय
राहुकाल – 01:57 पी एम से 03:34 पी एम तक रहेगा, इस दौरान शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
यमगण्ड – 05:54 ए एम से 07:31 ए एम तक रहेगा।
गुलिक काल – 09:08 ए एम से 10:44 ए एम तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त – 10:12 ए एम से 11:03 ए एम और 03:21 पी एम से 04:12 पी एम तक रहेगा।

सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 05:54 ए एम
सूर्यास्त – 06:47 पी एम
चंद्रोदय – 17 अप्रैल को 05:30 ए एम
चन्द्रास्त – 05:38 पी एम
दिशा, राशि और संवत जानकारी
दिशा शूल – दक्षिण दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए।

चंद्र राशि – मीन
सूर्य राशि – मेष
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक संवत – 1948, पराभव
मास, तिथि और पंचांग विवरण
अमांत महीना – चैत्र
पूर्णिमांत महीना – वैशाख
तिथि – चतुर्दशी रात 08:11 पी एम तक, इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ
पक्ष – कृष्ण पक्ष
वार – गुरुवार
नक्षत्र और योग की स्थिति
नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद 01:59 पी एम तक, इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ
योग – इन्द्र योग 10:38 ए एम तक, इसके बाद वैधृति योग शुरू

आज का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं या जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए विशेष अवसर लेकर आया है।
यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

