By: Mala Mandal
Rog Panchak 2026: हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर महीने आने वाला पंचक पांच दिनों तक रहता है और इस दौरान कई शुभ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। मई 2026 में पंचक की शुरुआत 10 मई रविवार से होने जा रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब पंचक रविवार के दिन शुरू होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। माना जाता है कि इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं और लोगों को अपनी सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

इस बार रोग पंचक 10 मई से शुरू होकर 14 मई तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस दौरान कुछ राशियों के लोगों को स्वास्थ्य के मामले में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। छोटी-छोटी लापरवाहियां भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। खासतौर पर खानपान, दिनचर्या और मानसिक तनाव को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
क्या होता है रोग पंचक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक तब लगता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में कुछ विशेष नक्षत्रों से होकर गुजरता है। पंचक की शुरुआत जिस वार से होती है, उसी के आधार पर उसका नाम और प्रभाव तय होता है। जब पंचक रविवार को शुरू होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोग पंचक में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। इस दौरान लोगों को अपनी सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर बदलते मौसम, गलत खानपान और तनाव से दूरी बनाए रखना जरूरी माना जाता है।

मिथुन राशि
रोग पंचक का प्रभाव मिथुन राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान मौसम से जुड़ी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। सिरदर्द, थकान, कमजोरी या पेट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। काम का दबाव मानसिक तनाव भी बढ़ा सकता है। ऐसे में आराम और सही खानपान पर ध्यान देना जरूरी होगा। बाहर का खाना खाने से बचें और समय पर नींद लें।

कन्या राशि
कन्या राशि के लोगों को रोग पंचक के दौरान अपनी सेहत को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। पुरानी बीमारी दोबारा परेशान कर सकती है। इसके अलावा वायरल संक्रमण, एलर्जी या कमजोरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ज्यादा भागदौड़ और तनाव से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहेगा। डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज न करें।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। मानसिक तनाव और काम का दबाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। नींद की कमी और गलत दिनचर्या परेशानी बढ़ा सकती है। इस दौरान योग और ध्यान करने से लाभ मिल सकता है।

रोग पंचक में किन बातों का रखें ध्यान
रोग पंचक के दौरान खानपान में लापरवाही न करें। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन खाने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। समय पर सोना और पर्याप्त आराम लेना भी जरूरी माना गया है। यदि पहले से कोई बीमारी है तो दवाइयों को नियमित रूप से लेते रहें।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पूजा-पाठ और भगवान की आराधना करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। सूर्य देव को जल अर्पित करना और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

रोग पंचक कब से कब तक रहेगा
मई 2026 का रोग पंचक 10 मई से शुरू होकर 14 मई तक रहेगा। इस दौरान कई लोग शुभ और मांगलिक कार्यों को टालना पसंद करते हैं। हालांकि रोजमर्रा के सामान्य कार्य किए जा सकते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रोग पंचक का प्रभाव हर व्यक्ति पर उसकी कुंडली और ग्रह दशा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में डरने की बजाय सावधानी और संतुलित जीवनशैली अपनाना ज्यादा जरूरी माना जाता है।
यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। NewsBag इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करता। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या महत्वपूर्ण निर्णय के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

