By: Mala Mandal
Yellow Sapphire Side Effects: ज्योतिष और रत्न शास्त्र में पुखराज को बेहद प्रभावशाली और शुभ रत्न माना जाता है। यह रत्न गुरु ग्रह यानी बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है। मान्यता है कि सही व्यक्ति द्वारा विधि-विधान से धारण किया गया पुखराज जीवन में सुख, समृद्धि, धन, शिक्षा, विवाह और करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यही वजह है कि ज्योतिषाचार्य अक्सर कमजोर गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए पुखराज धारण करने की सलाह देते हैं।

लेकिन रत्न शास्त्र के अनुसार हर रत्न का अपना अलग प्रभाव और ऊर्जा होती है। यदि किसी रत्न को गलत संयोजन में पहन लिया जाए तो उसका नकारात्मक असर भी देखने को मिल सकता है। कहा जाता है कि पुखराज के साथ कुछ विशेष रत्नों को धारण करने से ग्रहों की ऊर्जा आपस में टकराने लगती है, जिससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। रत्न विशेषज्ञों के अनुसार पुखराज के साथ नीलम, पन्ना, गोमेद और हीरा पहनने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या मानी जाती है।

पुखराज के साथ न पहनें नीलम
नीलम शनि ग्रह का रत्न माना जाता है जबकि पुखराज गुरु ग्रह से जुड़ा होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गुरु और शनि की ऊर्जा कई बार विपरीत प्रभाव पैदा कर सकती है। ऐसे में पुखराज और नीलम को एक साथ पहनने से जीवन में अस्थिरता, मानसिक तनाव और कार्यों में रुकावटें बढ़ सकती हैं। यही कारण है कि बिना ज्योतिषीय सलाह के इन दोनों रत्नों को साथ पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।

पन्ना के साथ पुखराज का कॉम्बिनेशन
पन्ना बुध ग्रह का रत्न होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु और बुध के स्वभाव में विरोधाभास माना गया है। ऐसे में पन्ना और पुखराज एक साथ धारण करने से निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव का सामना भी करना पड़ सकता है।

गोमेद के साथ भूलकर भी न पहनें पुखराज
गोमेद राहु ग्रह का रत्न माना जाता है। राहु और गुरु ग्रह के बीच विरोधी प्रभाव माना जाता है। ऐसे में गोमेद और पुखराज को एक साथ पहनने से व्यक्ति को मानसिक अशांति, भ्रम और तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई ज्योतिषाचार्य इसे बेहद अशुभ संयोजन मानते हैं।
हीरा भी माना जाता है अशुभ
हीरा शुक्र ग्रह से जुड़ा रत्न है जबकि पुखराज गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गुरु और शुक्र के विचार और प्रभाव अलग माने जाते हैं। ऐसे में पुखराज और हीरा साथ पहनने से रिश्तों में तनाव, खर्चों में वृद्धि और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

किसे पहनना चाहिए पुखराज
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है या जिनकी राशि धनु और मीन होती है, उन्हें पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है। हालांकि किसी भी रत्न को धारण करने से पहले कुंडली का सही विश्लेषण कराना जरूरी माना जाता है।
कैसे धारण किया जाता है पुखराज
पुखराज को आमतौर पर सोने की अंगूठी में जड़वाकर तर्जनी उंगली में पहना जाता है। इसे गुरुवार के दिन शुभ मुहूर्त में धारण करना अच्छा माना जाता है। पहनने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके गुरु मंत्र का जाप करने की भी परंपरा है।

रत्न धारण करने से पहले क्यों जरूरी है सलाह
हर व्यक्ति की कुंडली, ग्रह दशा और जीवन परिस्थितियां अलग होती हैं। ऐसे में बिना ज्योतिषीय सलाह के कोई भी रत्न पहनना नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई बार गलत रत्न पहनने से सकारात्मक की बजाय नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

आजकल फैशन और ट्रेंड के चलते लोग बिना जानकारी के कई रत्न धारण कर लेते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे सही नहीं माना गया है। इसलिए किसी भी रत्न को पहनने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और रत्न शास्त्र पर आधारित है। NewsBag इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करता। किसी भी रत्न को धारण करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।

