By: Mala Mandal
देवघर। जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति और बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, रिलायंस और नायरा एनर्जी के प्रतिनिधियों के साथ जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालक शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा खपत की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना था।

बैठक के दौरान विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित रूप से ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। उपायुक्त ने कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी स्तर पर बाधा नहीं आनी चाहिए और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं लगाने और जरूरत के अनुसार ही ईंधन लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैलाकर कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर पूरी नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के ईंधन उपलब्ध होता रहे और परिवहन व्यवस्था भी सामान्य बनी रहे।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन सख्त
बैठक में उपायुक्त ने पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी, जमाखोरी और ऊंचे दामों पर अवैध बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी देवघर और अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों की नियमित जांच करें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर कृत्रिम किल्लत पैदा करने, घटतौली करने, जरूरतमंद उपभोक्ताओं को ईंधन देने से इनकार करने या निर्धारित मूल्य से अधिक दर वसूलने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।

पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों की सतत निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पंप पर पारदर्शी तरीके से ईंधन की बिक्री हो और उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि पेट्रोल पंप संचालक स्टॉक और वितरण की अद्यतन जानकारी प्रशासन को नियमित रूप से उपलब्ध कराएं ताकि किसी भी संभावित समस्या से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन ने साफ किया कि आम लोगों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता सीधे 112 पर कर सकती है शिकायत
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी स्पष्ट की है। उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर अव्यवस्था, घटतौली, ईंधन नहीं देने, अधिक कीमत वसूलने या कृत्रिम संकट पैदा करने जैसी स्थिति दिखाई देती है, तो लोग तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होते ही प्रशासनिक टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को पारदर्शी और सुचारू सेवा उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी देवघर, अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर, जिला परिवहन पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर निगरानी बढ़ाने और पेट्रोलियम आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और आम लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कालाबाजारी को तुरंत रोका जा सके।

