By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज 17 मई 2026, रविवार से ज्येष्ठ अधिकमास का शुभारंभ हो गया है। हिंदू धर्म में अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और हर तीन वर्ष में एक बार आता है। धार्मिक मान्यता है कि अधिकमास में किए गए पूजा-पाठ, दान और जप का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।

आज ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। साथ ही रविवार व्रत, सूर्य पूजा, कृत्तिका नक्षत्र और शोभन योग का शुभ संयोग बना हुआ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज सूर्य देव की आराधना करने और सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करने से करियर में उन्नति, मान-सम्मान और पिता का सहयोग प्राप्त होता है। आज वृषभ राशि में चंद्रमा का गोचर भी कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अधिकमास में प्रतिदिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस माह में दान-पुण्य, व्रत, कथा और मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है।

आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना शुभ माना गया है। इसके बाद लाल या नारंगी वस्त्र धारण करें। एक तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल चंदन, गुड़ और लाल फूल डालें। फिर सूर्य देव के मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। इसके बाद गायत्री मंत्र, सूर्य मंत्र, सूर्य चालीसा और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार व्रत कथा सुनें और सूर्य देव की आरती करें। इस व्रत में दिनभर फलाहार किया जाता है और शाम को मीठा भोजन ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि रविवार व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज लाल फूल, लाल वस्त्र, लाल चंदन, गेहूं, गुड़ और तांबे का दान करना अत्यंत शुभ रहेगा। इससे सूर्य ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति को नौकरी, व्यापार और समाज में सफलता मिलने के योग बनते हैं।
आज का पंचांग 17 मई 2026
तिथि
प्रतिपदा तिथि रात 09:40 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी।
नक्षत्र
कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 02:32 बजे तक रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा।
योग
आज शोभन योग सुबह 06:15 बजे तक है। इसके बाद अतिगण्ड योग रहेगा जो अगले दिन 18 मई को रात 02:00 बजे तक रहेगा। फिर सुकर्मा योग प्रारंभ होगा।

करण
किंस्तुघ्न करण सुबह 11:36 बजे तक रहेगा। इसके बाद बव करण रात 09:40 बजे तक और फिर बालव करण शुरू होगा।
पक्ष
शुक्ल पक्ष
दिन
रविवार
चंद्र राशि
वृषभ राशि
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय – सुबह 05:29 बजे
सूर्यास्त – शाम 07:06 बजे
चंद्रोदय – सुबह 05:30 बजे
चंद्रास्त – शाम 07:58 बजे

आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 04:06 बजे से 04:48 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
अमृत काल
दोपहर 12:26 बजे से 01:50 बजे तक
विजय मुहूर्त
दोपहर 02:34 बजे से 03:28 बजे तक

निशिता मुहूर्त
रात 11:57 बजे से 12:38 बजे तक, 18 मई
आज का राहुकाल
रविवार का राहुकाल शाम 05:22 बजे से 07:06 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
आज का दिशाशूल
आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि इस दिशा में यात्रा करना जरूरी हो तो घर से गुड़ खाकर निकलना शुभ माना जाता है।
अधिकमास का महत्व
अधिकमास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस माह में पूजा-पाठ, दान, जप और व्रत करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। अधिकमास में श्रीमद्भागवत कथा, विष्णु सहस्रनाम और गीता पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है।

रविवार व्रत का महत्व
रविवार का व्रत सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। इस व्रत को करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और करियर में सफलता मिलती है। ज्योतिष के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उन्हें रविवार व्रत और सूर्य पूजा करने की सलाह दी जाती है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अनुसार मुहूर्त और समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी पूजा या धार्मिक कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।

