By: Mala Mandal
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि देश में सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा है और आने वाले समय में बड़ा ईंधन संकट पैदा हो सकता है। इस दावे के वायरल होते ही कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। कई जगहों पर लोग अपनी गाड़ियों के साथ लंबी कतारों में दिखाई दिए, जबकि कुछ इलाकों में पेट्रोल और डीजल की अतिरिक्त खरीदारी भी शुरू हो गई।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अब सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने आ गया है। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचें।

बताया जा रहा है कि यह अफवाह उस समय तेजी से फैली जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता जताई गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर सुरक्षा चुनौतियों की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट शेयर किए जाने लगे। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि भारत में तेल का भंडार बेहद कम रह गया है और जल्द ही पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं।
इन वायरल दावों के बाद कई शहरों में लोगों ने एहतियात के तौर पर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करानी शुरू कर दीं। कुछ पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ देखी गई। हालांकि तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल अफवाहों के कारण पैदा हुई स्थिति है और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है।

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने भी बयान जारी कर कहा कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। कंपनियों ने कहा कि उनके पास जरूरत के मुताबिक पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की खबरें तेजी से वायरल हो जाती हैं, जिससे लोगों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। कई बार अफवाहों के कारण ही बाजार में कृत्रिम संकट जैसा माहौल बन जाता है। ऐसे में लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन देश के पास रणनीतिक तेल भंडार और नियमित सप्लाई व्यवस्था मौजूद है। इसलिए अचानक ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति बनना बेहद मुश्किल माना जाता है।
सरकार ने यह भी कहा कि देश में ईंधन वितरण की व्यवस्था लगातार निगरानी में है। यदि कहीं किसी पेट्रोल पंप पर अस्थायी भीड़ दिखाई देती है तो उसे तुरंत नियंत्रित किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की अफवाह पर नजर रखी जाए और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी कई फर्जी पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि देशभर में पेट्रोल पंप जल्द बंद हो सकते हैं। सरकार ने ऐसे दावों को पूरी तरह गलत बताया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
इस बीच कई राज्यों के प्रशासन ने भी जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि घबराहट में ज्यादा ईंधन खरीदने से अस्थायी दबाव जरूर बन सकता है, लेकिन इससे वास्तविक संकट की स्थिति पैदा नहीं होती। इसलिए लोगों को संयम बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल सरकार के बयान के बाद स्थिति सामान्य होती दिखाई दे रही है। कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम होने लगी है और लोगों को सामान्य रूप से ईंधन मिल रहा है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने की बात भी कही गई है।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।

