By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
ब्रिटेन: भारतीय मूल के युवाओं का दुनिया भर में बढ़ता प्रभाव एक बार फिर देखने को मिला है। हरियाणा के 23 वर्षीय तुषार कुमार को ब्रिटेन के एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल का सबसे कम उम्र का भारतीय मूल का मेयर चुना गया है। खास बात यह है कि उनकी मां परवीन रानी भी हर्ट्समेरे बरो काउंसिल में डिप्टी मेयर बनी हैं। मां-बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय समुदाय के साथ-साथ हरियाणा के लोगों को भी गर्व से भर दिया है।

तुषार कुमार की इस उपलब्धि को ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता के रूप में देखा जा रहा है। बेहद कम उम्र में मेयर बनने वाले तुषार ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और समाज सेवा के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, तुषार कुमार मूल रूप से हरियाणा से संबंध रखते हैं और लंबे समय से अपने परिवार के साथ ब्रिटेन में रह रहे हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। इसी वजह से स्थानीय लोगों के बीच उनकी अच्छी पहचान बनी और उन्हें व्यापक समर्थन मिला।

एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल में मेयर चुने जाने के बाद तुषार कुमार ने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं बल्कि पूरे भारतीय समुदाय की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल के दौरान युवाओं, शिक्षा, सामुदायिक विकास और सार्वजनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देंगे।
तुषार कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को राजनीति और प्रशासन में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युवा नई सोच और ऊर्जा के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने अपने माता-पिता और समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।

वहीं दूसरी ओर उनकी मां परवीन रानी को हर्ट्समेरे बरो काउंसिल का डिप्टी मेयर चुना गया है। मां और बेटे का एक साथ इतने बड़े पदों पर पहुंचना भारतीय परिवारों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है। परवीन रानी लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक सेवा से जुड़ी रही हैं।
ब्रिटेन में भारतीय मूल के नेताओं की लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि भारतीय समुदाय वहां की राजनीति और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय मूल के नेता ब्रिटेन में बड़े पदों पर पहुंचे हैं। अब तुषार कुमार का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।

हरियाणा में तुषार कुमार की इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बता रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में भारतीय मूल के युवाओं की सफलता भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक मजबूती को भी दर्शाती है। तुषार कुमार जैसे युवा न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय समुदाय का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मूल के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीति सहित कई क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। तुषार कुमार का मेयर बनना इसी बदलते परिदृश्य का हिस्सा माना जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि तुषार कुमार अपने कार्यकाल में युवाओं और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। उनकी युवा सोच और आधुनिक दृष्टिकोण से शहर को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

तुषार कुमार की सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं। कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
मां-बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर भारतीय समुदाय की ताकत और एकता को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। हरियाणा से ब्रिटेन तक तुषार कुमार और परवीन रानी की चर्चा हो रही है और लोग इसे भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।

